ग़ाज़ियाबाद

अवैध पार्किंग हटवाई, वॉटर एटीएम और विज्ञापन माफिया पर कसा शिकंजा

गाजियाबाद। शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को महापौर सुनीता दयाल ने नगर निगम अधिकारियों के साथ यूपी गेट क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रीन बेल्ट पर संचालित अवैध पार्किंग, वॉटर एटीएम की अनियमितताओं और नियमों के विपरीत लगाए गए बड़े-बड़े विज्ञापनों को लेकर महापौर ने कड़ा रुख अपनाया। मौके पर ही संबंधित ठेकेदारों और संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए तथा कई मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ जीएम जल पी. आनंद, अवर अभियंता सोमेंद्र प्रताप, अवर अभियंता संजय गंगवार, सेनेटरी इंस्पेक्टर अशोक कुमार तथा नगर निगम का प्रवर्तन दस्ता मौजूद रहा। टीम ने यूपी गेट क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नागरिक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
मैक्स अस्पताल के पीछे स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि हरित क्षेत्र को समाप्त कर वहां अवैध रूप से पार्किंग संचालित की जा रही थी। जानकारी करने पर सामने आया कि पार्किंग शुल्क भी निगम के खाते में जमा नहीं किया जा रहा था। इस पर महापौर ने तत्काल नाराजगी जताते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कराया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन के प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाकर ग्रीन बेल्ट को खाली कराया गया और हरित क्षेत्र की ओर जाने वाले अवैध रास्ते को भी बंद कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान यूपी गेट पर स्थापित वॉटर एटीएम भी जांच के दायरे में आए। महापौर ने पाया कि एक वॉटर एटीएम पर न्यायालय के स्थगन आदेश का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वहां लगातार विज्ञापन बदले जा रहे थे। उन्होंने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। रिकॉर्ड में एक वॉटर एटीएम का क्षेत्रफल 17 गुणा 10 फुट दर्शाया गया था, जबकि मौके पर उसका वास्तविक आकार लगभग 40 गुणा 10 फुट पाया गया। महापौर ने कहा कि अतिरिक्त क्षेत्रफल का उपयोग बड़े विज्ञापन लगाकर व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। ऐसे अवैध निर्माणों का चिन्हीकरण कर लिया गया है और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नागरिकों ने भी वॉटर एटीएम की शिकायतें महापौर के सामने रखीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि एटीएम से मिलने वाला पानी न तो ठंडा है और न ही पूरी तरह स्वच्छ। जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने संबंधित संचालकों को चेतावनी दी कि यदि लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। एक अन्य वॉटर एटीएम पर दो मंजिला विज्ञापन संरचना स्थापित मिली, जिसकी ऊंचाई लगभग 25 से 30 फीट बताई गई। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एटीएम की छत पर एक परिवार रह रहा है। महापौर ने इस स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी समय विज्ञापन संरचना गिरने या विद्युत दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट तैयार करने और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम लगातार शहर में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर सार्वजनिक सुविधाओं और सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट को खत्म कर पार्किंग बनाना, वॉटर एटीएम की आड़ में अवैध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना और अनधिकृत विज्ञापन लगाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित पार्किंग संचालकों और वॉटर एटीएम मालिकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। सभी को दो दिन के भीतर जवाब देने और अनियमितताओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं होने पर निगम द्वारा कठोर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। महापौर ने स्पष्ट किया कि शहर की हरित संपदा, सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिक सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नगर निगम भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रखेगा ताकि गाजियाबाद को व्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित शहर बनाया जा सके।

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