“सड़क नहीं तो वोट नहीं! सिद्धार्थनगर में ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, सड़क पर की धान की रोपाई”

वेलकम इण्डिया/असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। जिले में बदहाल सड़क के विरोध का एक अनोखा और चर्चित मामला सामने आया है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के तेलियाडीह ग्राम पंचायत के टोला चेतरा में ग्रामीणों का वर्षों पुराना गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। गांव के लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एक युवक को चारपाई पर लिटाकर जर्जर और कीचड़ से भरे रास्ते से निकाला, ताकि यह दिखाया जा सके कि गांव की सड़क की हालत इतनी खराब है कि बीमार या घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर यह संदेश दिया कि यह सड़क अब सड़क कम और खेत ज्यादा दिखाई देती है। प्रदर्शन के दौरान “रोड नहीं तो वोट नहीं”, “नेता जी मुर्दाबाद” और “हमारी सड़क कब बनेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना है कि चेतरा गांव का यह मुख्य संपर्क मार्ग वर्षों से जर्जर पड़ा है। इसी रास्ते से गांव के लोग बाजार, स्कूल, अस्पताल और तहसील मुख्यालय तक आते-जाते हैं, लेकिन सड़क पूरी तरह गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों को रोजाना कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, किसान अपनी फसल और कृषि उपकरण समय पर नहीं ले जा पाते, जबकि बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे लोगों की जान तक जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस सड़क को लेकर कई वर्षों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। उन्होंने डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में आकर सड़क बनवाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्या को भुला दिया जाता है। इतना ही नहीं, अब फोन करने पर भी उनकी बात नहीं सुनी जाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मुख्य संपर्क मार्ग की तत्काल मरम्मत और निर्माण कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। उनका कहना है कि यह सड़क बनने से केवल चेतरा गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे और “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।




