ग़ाज़ियाबाद

राजनगर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से मिलेगी स्थायी राहत, तकनीकी परीक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश

गाजियाबाद। राजनगर योजना सेक्टर-2 के सामने स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इस व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास निर्माण की दिशा में पहल तेज कर दी है। शुक्रवार को जीडीए के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने संबंधित अधिकारियों के साथ मौके का स्थलीय निरीक्षण किया और यातायात की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के बाद अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने उपाध्यक्ष को बताया कि रेलवे फाटक बंद होने के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में जाम की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को कार्यालय, विद्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। उपाध्यक्ष ने मौके पर स्वयं रेलवे फाटक बंद होने के दौरान यातायात की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि कुछ ही मिनटों में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरे क्षेत्र में यातायात प्रभावित हो जाता है। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इस समस्या का सबसे प्रभावी और स्थायी समाधान अंडरपास का निर्माण ही है। उन्होंने मौके पर ही जीडीए के अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्तावित अंडरपास के लिए आवश्यक सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया बिना किसी विलंब के शुरू की जाए। साथ ही रेलवे, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि परियोजना को जल्द स्वीकृति दिलाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा सके। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजना केवल एक अंडरपास का निर्माण नहीं होगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा साबित होगी। इसके निर्माण से राजनगर, कवि नगर, शास्त्री नगर, राजनगर एक्सटेंशन, आरडीसी, यूपीएसआईडीसी क्षेत्र तथा आसपास के अनेक इलाकों के लाखों लोगों को प्रतिदिन लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इसके अलावा यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि शहर की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे का विकास समय की मांग है। जीडीए इसी सोच के साथ शहर के प्रमुख यातायात अवरोधों को चिन्हित कर उनका स्थायी समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना तैयार करते समय यातायात के वर्तमान दबाव के साथ-साथ आगामी वर्षों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में भी नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेंगी। उन्होंने कहा,  ‘गाजियाबाद विकास प्राधिकरण नागरिकों की सुविधा को सर्वोपरि मानते हुए शहर को आधुनिक, सुरक्षित और जाममुक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। जनहित से जुड़ी आधारभूत विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उनका समय तथा संसाधन दोनों बच सकें। निरीक्षण के दौरान जीडीए के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उपाध्यक्ष के निर्देशों के अनुरूप सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। अंडरपास के निर्माण के बाद शहर के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध होने की उम्मीद है।

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