बरसात से पहले नगर निगम हरकत में आया, दिल्ली सीमा तक नाले की सफाई शुरू, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कराया निरीक्षण

गाजियाबाद। बरसात के मौसम में यूपी गेट और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शुक्रवार को दिल्ली सीमा तक जाने वाले प्रमुख नाले की व्यापक सफाई का कार्य शुरू करा दिया। यह कार्रवाई स्थानीय पार्षद कुसुम मनोज गोयल द्वारा अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाए जाने के बाद की गई। पार्षद की पहल पर नगर निगम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सफाई अभियान शुरू कराया, जिससे क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बरसात के दौरान यूपी गेट क्षेत्र में पानी भरने की समस्या लंबे समय से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनती रही है। नालों में गाद, कूड़ा-कचरा और अन्य अवरोधों के कारण बारिश का पानी तेजी से निकासी नहीं हो पाता, जिससे सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और यातायात भी प्रभावित होता है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल सफाई कराने की मांग की थी।
नगर निगम ने शिकायत मिलने के बाद बिना देरी किए सफाई कार्य प्रारंभ करा दिया। सफाई अभियान के दौरान दिल्ली सीमा तक फैले नाले से गाद और कचरा निकालने का कार्य मशीनों और सफाई कर्मियों की सहायता से कराया गया, ताकि बारिश के पानी का प्रवाह सुचारु बना रहे और जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। सफाई कार्य का निरीक्षण करने के लिए वसुंधरा जोन के प्रभारी राजेश गुप्ता, सहायक अभियंता अनूप कुमार, अवर अभियंता संजय गंगवार, स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सफाई अधिकारी विनोद कुमार तथा सफाई निरीक्षक अशोक पाल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नाले की पूरी लंबाई में सफाई कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए और कहीं भी गाद या कचरा शेष न रहे। इस अवसर पर पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने कहा कि मानसून के दौरान जनता को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि लगातार क्षेत्रवासियों से नाले की सफाई और जलनिकासी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल इस विषय से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने भी गंभीरता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके लिए उन्होंने नगर निगम प्रशासन का आभार व्यक्त किया। पार्षद कुसुम मनोज गोयल ने कहा हमारा उद्देश्य केवल समस्या उठाना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कराना है। बारिश के मौसम में यदि नालों की नियमित सफाई होती रहे तो जलभराव की अधिकांश समस्याओं से बचा जा सकता है। हमने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पूरे मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी अवरोध मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने आगे कहा कि यूपी गेट गाजियाबाद और दिल्ली को जोडऩे वाला अत्यंत व्यस्त मार्ग है। यहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। यदि बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरता है तो यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसलिए इस क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। पार्षद ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि वे नालों में कूड़ा-कचरा न डालें और स्वच्छता बनाए रखने में नगर निगम का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही जलभराव जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। नगर निगम अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मानसून के दौरान संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा जहां भी जलभराव की आशंका होगी, वहां समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी और बारिश के दौरान यातायात भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।



