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मेरठ में फर्जी पुलिस गैंग का भंडाफोड़: SHO-CO बनकर करते थे अपहरण, रंगदारी और वसूली

- इंस्टाग्राम से शिकार, फिर फर्जी पुलिस बनकर किडनैप मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में 5 सदस्यीय गिरोह इंस्टाग्राम के जरिए युवकों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद खुद को SHO, CO, SO और दारोगा बताकर उनका अपहरण कर मोहकमपुर स्थित फर्जी कार्यालय में ले जाता था।
- एनकाउंटर और जेल भेजने की धमकी देकर वसूली गिरोह पीड़ितों को फर्जी एफआईआर दिखाकर एनकाउंटर, जेल और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाता था। नीरज पाल से ₹2 लाख की रंगदारी मांगी गई और उसके Google Pay खाते से ₹10,000 भी ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
- पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार एसएसपी मेरठ के निर्देश पर गठित टीम ने महज कुछ घंटों में कार्रवाई करते हुए राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
- फर्जी पुलिस ऑफिस से चौंकाने वाली बरामदगी आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर प्लेट की ऑल्टो कार, वॉकी-टॉकी, लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल, टेलीफोन, बीट बुक, पुलिस की मोहर, नेम प्लेट, बेंत, फोन-पे रिसीवर बॉक्स और फर्जी पुलिस दस्तावेज सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ, जिससे उनका पूरा फर्जी पुलिस नेटवर्क उजागर हो गया।
- अपराधियों के लिए कड़ा संदेश मेरठ पुलिस की इस तेज कार्रवाई ने साफ कर दिया कि पुलिस की वर्दी और पहचान का दुरुपयोग कर जनता को डराने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।




