मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा बैठक में बैंकों को चेतावनी, लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश-2000 लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले 785 आवेदन प्राप्त, 106 युवाओं को मिला ब्याज मुक्त ऋण

गाजियाबाद। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति को लेकर मंगलवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने की। समीक्षा के दौरान बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति और वितरण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पात्र युवाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत जनपद में अब तक हुई प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराती है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शासन द्वारा जनपद को 2000 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि योजना के पोर्टल पर अब तक 785 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 774 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे जा चुके हैं। हालांकि, बैंकों की ओर से अभी तक केवल 130 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि 106 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया जा सका है। इस स्थिति पर मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आवेदन और स्वीकृति के बीच का अंतर काफी अधिक है, जिसे शीघ्र समाप्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि उनके स्तर पर लंबित पड़े आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और पात्र युवाओं को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक युवा स्वयं का रोजगार स्थापित करें और इसके लिए बैंकिंग व्यवस्था को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि योजना की प्रगति की पुन: समीक्षा 15 दिन बाद की जाएगी। यदि अगली समीक्षा बैठक तक बैंकों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी नहीं लाई गई, तो संबंधित बैंकों के उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना भेजी जाएगी। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि आगामी समीक्षा बैठकों में सभी संबंधित बैंक अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। अनुपस्थिति या उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के साथ-साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र और राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक घरों में सौर ऊर्जा कनेक्शन स्थापित कराए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम नागरिकों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए पीएम सूर्य घर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। बैठक का संचालन सहायक आयुक्त उद्योग ज्ञानेंद्र कुमार गौतम द्वारा किया गया। बैठक में विभिन्न बैंकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान केवल एक ऋण योजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें रोजगार प्रदाता बनाने का माध्यम है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें और प्रदेश के आर्थिक विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।



