रामगंगा की धारा मोड़ने के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट घेरा

50 गांवों पर संकट का हवाला, डीएम से हस्तक्षेप की मांग
*मुरादाबाद, रामगंगा नदी की मुख्य धारा को बलपूर्वक परिवर्तित किए जाने के विरोध में करीब 50 गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा थम नहीं रहा है। मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जिलाधिकारी से मिलकर हस्तक्षेप की मांग उठाई।
मंगलवार को अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि वर्तमान में रामगंगा नदी ग्राम रुस्तमपुर बढ़मार एतमाली से होते हुए नाजरपुर, लोदीपुर, वासु, वीरपुर, वरियार होते हुए कोसी नदी में मिल रही है। फसली वर्ष 1365 में भी नदी का मुख्य बहाव गोवर्धनपुर, नजरपुर, लोदीपुर, वासु, वीरपुर, वरियार से होकर था।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब रुस्तमपुर बढ़मार एतमाली के रकबे से नदी सीधे लोदीपुर वासु की तरफ बह रही है। रुस्तमपुर बढ़मार के रकबे से सिकंदरपुर पट्टी की तरफ रामगंगा की मुख्य धारा को लोक निर्माण विभाग द्वारा बलपूर्वक मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यह न्यायोचित और जनहित में नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने चेताया कि धारा मोड़ने से लगभग 50 गांव प्रभावित होंगे। इससे जान माल, फसल, पशुधन की हानि होगी और सरकारी सड़क आदि का भी नुकसान होगा। ग्रामीणों ने मांग की कि रामगंगा नदी की मुख्य धारा को प्राकृतिक रूप से वर्तमान में जहां बह रही है वहीं बहने दिया जाए।
जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से सुना और प्रतिनिधिमंडल को उचित आश्वासन दिया। वार्ता के बाद अशोक कुमार सिंह ने बताया कि डीएम के आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट दिखे।
इससे पहले सोमवार को भी भारी संख्या में ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे थे। डीएम की अनुपस्थिति में अपर नगर मजिस्ट्रेट माधव उपाध्याय को प्रार्थना पत्र दिया गया था। ग्रामीण उनके आश्वासन से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए मंगलवार को फिर डीएम से मिले।
इस दौरान अशोक कुमार सिंह, शमीम अहमद, ताहिर हुसैन, शिव नारायण सिंह, चरण सिंह, दिलावर सिंह, मुस्तजाब, रईस अहमद, मोहम्मद ओवैस, तहजीब, फैजान, जीशान, मोहम्मद रफी, सुरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, महेश, जयवीर सिंह, हर ज्ञान सिंह सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।



