शहर-राज्य

मथुरा रिफाइनरी टाउनशिप के आवासीय क्वार्टरों पर मंडरा रहा खतरा

जर्जर आवासों में रहने को विवश कर्मचारी, प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल

कहीं टाउनशिप में भी तो नही दोहराई जा रही दिल्ली के “सत्य निकेतन” जैसी घटना 

मथुरा। इंडियन ऑयल ​मथुरा रिफाइनरी की टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। टाउनशिप के कई जर्जर आवासीय सैक्टरों के क्वार्टर हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद रिफाइनरी प्रबंधन पूरी तरह मौन साधे हुए है। ​हाल ही में पिछले महीने टाउनशिप के एक आवासीय क्वार्टर का छज्जा गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद भी प्रबंधन की नींद नहीं टूटी है। स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और भय का माहौल है कि क्या प्रबंधन दिल्ली के ‘सत्य निकेतन’ जैसी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। चर्चा यह भी है कि कहीं ‘कॉस्ट कटिंग’ (लागत में कटौती) के चक्कर में कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ तो नहीं किया जा रहा है।

​खतरनाक हो चुके इन आवासीय क्वार्टरों को लेकर रिफाइनरी प्रबंधन आईआईटी रुड़की की आरएलए रिपोर्ट का हवाला दे रहा है। अगस्त महीने की शुरुआत में ही यह रिपोर्ट आ जानी चाहिए थी, लेकिन रिपोर्ट आने में हो रहे विलंब ने प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। ​पूर्व की गई आरएलए रिपोर्ट के अनुसार टाउनशिप के आवासीय क्वार्टर असुरक्षित मिले थे, हैरानी की बात यह है कि पूर्व में आई आरएलए रिपोर्ट में भी टाउनशिप के सेक्टर-6, सेक्टर-7 और सेक्टर-8 को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद, लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी आज रिफाइनरी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर उन्हीं असुरक्षित और जर्जर क्वार्टरों में रहने को विवश हैं। ​नवरत्न का दर्जा प्राप्त इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की मथुरा रिफाइनरी टाउनशिप की इस हकीकत ने कर्मचारियों के परिवारों को दहशत में डाल दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या किसी बड़े हादसे के होने से पहले रिफाइनरी प्रबंधन इन जर्जर आवासों की सुध लेता है या नहीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button