बासमती और जैविक खेती को मिलेगी नई पहचान, पीलीभीत में महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ

जितिन प्रसाद और सूर्य प्रताप शाही ने किया प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास
वेलकम इंडिया पीलीभीत
पीलीभीत। जनपद के किसानों को बासमती एवं जैविक खेती के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। टांडा बिजैसी में ‘वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र सह प्रदर्शन फार्म’ की आधारशिला रखी गई। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने परियोजना का शिलान्यास किया।न्यूरिया कॉलोनी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, विधान परिषद सदस्य सुधीर गुप्ता, जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब 10 हजार लोगों की सहभागिता रही। बासमती एवं जैविक उत्पादों से संबंधित 23 प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए।केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि को आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैश्विक बाजार के अनुरूप बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पीलीभीत में बासमती उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। प्रस्तावित केंद्र किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और उत्पादन से लेकर निर्यात तक की जानकारी उपलब्ध कराएगा। केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ भूमि उपलब्ध कराने में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के सहयोग के लिए उन्होंने आभार जताया।प्रस्तावित केंद्र में अधिसूचित बासमती किस्मों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों को कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती, जैविक खाद एवं अन्य जैविक साधनों के उपयोग, समेकित कीट प्रबंधन तथा समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।इसके अलावा यहां प्रमाणिक एवं गुणवत्तापूर्ण बासमती बीज के उत्पादन और संवर्धन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। किसानों और युवाओं को बीज उत्पादन का प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। किसान उत्पादक संगठनों, उद्यमियों, युवाओं, निर्यातकों और प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।केंद्र के माध्यम से किसानों को गुणवत्ता, पैकेजिंग, विपणन, निर्यात मानकों और रासायनिक अवशेष मुक्त बासमती उत्पादन की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों से खेत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह केंद्र पीलीभीत को बासमती एवं जैविक कृषि के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे किसानों को बेहतर तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और बड़े बाजारों तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।



