पोलियो वायरस की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 107 टीमें घर-घर करेंगी बच्चों का सर्वे
गाजियाबाद। डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) से लिए गए दूषित पानी के नमूने में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियो वायरस (वीडीपीवी) टाइप-1 की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। रिपोर्ट सामने आते ही विभागीय अधिकारियों ने तत्काल बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और वायरस की रोकथाम तथा निगरानी के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की। संभावित खतरे को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सर्वे अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पोलियो वायरस की निगरानी के तहत प्रत्येक माह शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सीवरेज शोधन संयंत्रों से दूषित पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे जाते हैं। इसी क्रम में डूंडाहेड़ा एसटीपी से लिया गया नमूना जांच के लिए भेजा गया था। हाल ही में प्राप्त रिपोर्ट में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियो वायरस टाइप-1 की पुष्टि हुई है, जिसके बाद विभाग में हलचल बढ़ गई। रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अधिकारियों की आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें वायरस के संभावित स्रोत, संक्रमण की आशंका और रोकथाम संबंधी उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 107 विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें घर-घर जाकर पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण करेंगी। सर्वे के दौरान बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, किसी प्रकार के शारीरिक लक्षण तथा नियमित टीकाकरण की जानकारी एकत्र की जाएगी। आवश्यकता पडऩे पर बच्चों को मौके पर ही पोलियो की खुराक भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से डूंडाहेड़ा एसटीपी के आसपास स्थित कॉलोनियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे की जांच सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियो वायरस की उपस्थिति कई कारणों से हो सकती है, जिनमें नियमित टीकाकरण का अधूरा रह जाना भी शामिल है। इसलिए अभियान के दौरान बच्चों के टीकाकरण रिकॉर्ड की भी गहन समीक्षा की जाएगी। जिन बच्चों का टीकाकरण अधूरा पाया जाएगा, उन्हें आवश्यक खुराक उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग द्वारा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर, शास्त्रीनगर, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी कॉलोनी, घूकना, हिंडन विहार, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर-1, विजय नगर-2 और खैराती नगर क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बच्चों की स्थिति का आकलन करेंगी और जागरूकता भी फैलाएंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय नियमित टीकाकरण है। इसलिए अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चों को समय पर सभी आवश्यक टीके लगाए जाएं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्वे के दौरान स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें और बच्चों के टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल यह एक सतर्कता और निगरानी की कार्रवाई है। व्यापक सर्वे और टीकाकरण अभियान के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि जिले में पोलियो संक्रमण की किसी भी संभावित आशंका को समय रहते समाप्त किया जा सके और बच्चों का स्वास्थ्य पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।



