ग़ाज़ियाबाद

8 हजार वर्गमीटर में बस रही थी अवैध कॉलोनी, सड़कें और बाउंड्रीवाल जमींदोज

गाजियाबाद। अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बुधवार को लोनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 8 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। जीडीए की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया, जबकि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अनधिकृत निर्माण पर प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दी। प्रवर्तन जोन-08 के प्रभारी के नेतृत्व में उ.प्र. नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत यह कार्रवाई ग्राम सभापुर, लोनी स्थित खसरा संख्या-996/1 पर की गई। जीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि पर बिना स्वीकृति के अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। कॉलोनी में करीब 60 से 70 भूखंड तैयार किए जा चुके थे तथा उनकी बाउंड्रीवाल और आंतरिक सड़कें भी बनाई जा रही थीं। सुबह जीडीए की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से भूखंडों की बाउंड्रीवाल, विकसित सड़कें तथा अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई के दौरान अवैध कॉलोनी के अधिकांश विकास कार्यों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइजरों ने विरोध भी किया। कुछ लोगों ने कार्रवाई रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद प्राधिकरण पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी गई। जीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत लेआउट और मानचित्र के विकसित की जा रही कॉलोनियां पूरी तरह अवैध हैं। ऐसे निर्माण न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों के लिए भी बड़ी समस्याएं पैदा करते हैं। इसलिए अवैध कॉलोनियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि गाजियाबाद में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी भी भूखंड या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन जोन-08 का समस्त स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस दस्ता तथा क्षेत्रीय पुलिस बल मौजूद रहा। जीडीए की इस बड़ी कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने साफ संदेश दिया है कि नियमों को दरकिनार कर विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रशासन का बुलडोजर लगातार चलता रहेगा।

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