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समर्पण और सद्भाव की मिसाल: इंजी. योगी अरुण सचदेव की कार्यशैली और मृदु व्यवहार के कायल हुए क्षेत्रीय किसान

अफजलगढ सिंचाई खण्ड धामपुर में अधिशासी अभियंता पद पर कार्यरत हैं योगी अरूण सचदेव

वेलकम इंडिया नितिन शर्मा

धामपुर। ​किसी भी क्षेत्र के विकास में तकनीकी दक्षता जितनी महत्वपूर्ण होती है, उससे कहीं अधिक मायने रखता है अधिकारी का जन-सामान्य के प्रति रवैया। जब आधुनिक तकनीकी ज्ञान और मानवीय संवेदनाओं का संगम होता है, तो परिणाम न केवल विकासात्मक होते हैं, बल्कि जन-जन के दिल को छू लेते हैं।

अफजलगढ सिंचाई खण्ड धामपुर में अधिशासी अभियंता पद पर पदस्थापित इंजी. योगी अरुण सचदेव वर्तमान में इसी कार्य संस्कृति और जनसेवा की जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और आत्मीय मृदु व्यवहार की वजह से आज क्षेत्र के कृषक वर्ग द्वारा उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।​

इंजी.योगी अरुण सचदेव का नाम एक ऐसे कर्मयोगी के रूप में लिया जाता है, जो केवल कागजी योजनाओं या दफ्तरों तक सीमित नहीं रहते। किसानों की सिंचाई, जलापूर्ति, कृषि अवसंरचना और तकनीकी समस्याओं को गहराई से समझना तथा उनका धरातल पर त्वरित समाधान निकालना उनकी कार्यशैली की मुख्य पहचान है।

भूतपूर्व सैनिक किसान महासंघ उ.प्र. के संयोजक चौ.संजय राणा ने बताया कि सिंचाई परियोजनाओं और कृषि से जुड़ी तकनीकी बाधाओं का वे अत्यंत वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से निपटारा करते हैं। किसी भी कार्य को अटकाने के बजाय समय सीमा के भीतर पूरा कराना और उसमें पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना उनकी कार्यनिष्ठा को दर्शाता है ।तकनीकी पदों पर बैठे अधिकारियों से अक्सर आम किसान सीधे संवाद करने में संकोच महसूस करते हैं। परंतु इंजी. योगी अरुण सचदेव ने इस दूरी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्र का कोई भी किसान जब अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुँचता है, तो वे उसकी बात को न केवल ध्यानपूर्वक सुनते हैं, बल्कि एक अभिभावक की भांति समाधान प्रस्तुत करते हैं।

उ.प्र. राज्य शिक्षक एवं शिक्षाविद पं.राधेश्याम शर्मा ने बताया कि सिंचाई परियोजनाओं और कृषि से जुड़ी तकनीकी बाधाओं का वे अत्यंत वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से निपटारा करते हैं। किसी भी कार्य को अटकाने के बजाय समय सीमा के भीतर पूरा कराना और उसमें पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना उनकी कार्यनिष्ठा को दर्शाता है। ​तकनीकी पदों पर बैठे अधिकारियों से अक्सर आम किसान सीधे संवाद करने में संकोच महसूस करते हैं। परंतु इंजी. योगी अरुण सचदेव ने इस दूरी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

ग्राम प्रधान अल्पना पंकज भारद्वाज ने बताया कि क्षेत्र का कोई भी किसान जब अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुँचता है, तो वे उसकी बात को न केवल ध्यानपूर्वक सुनते हैं, बल्कि एक अभिभावक की भांति समाधान प्रस्तुत करते हैं।

आदर्श कृषक एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवकुमार शर्मा दीवान जी ने बताया की इंजी सचदेव का शांत स्वभाव, चेहरे पर सौम्यता और बातचीत में मिठास किसान भाइयों को अपनी बात बेझिझक रखने का हौसला देती है। यही कारण है कि अन्नदाता उन्हें केवल एक अभियंता ही नहीं, बल्कि अपना सच्चा हितैषी मानते हैं।

पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन के जिला मंत्री एवं कर्मचारी संघों के प्रान्तीय स्तरीय नेता रहे राकेश भारद्वाज ने बताया कि इंजी अरूण सचदेव का शांत स्वभाव, चेहरे पर सौम्यता और बातचीत में मिठास किसान भाइयों को अपनी बात बेझिझक रखने का हौसला देती है। यही कारण है कि अन्नदाता उन्हें केवल एक अभियंता ही नहीं, बल्कि अपना सच्चा हितैषी मानते हैं।
​क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि इंजी. अरुण सचदेव के प्रयासों से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेज़ी आई है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी संवेदनशीलता का संचार हुआ है। कई जटिल मुद्दे, जो लंबे समय से लंबित थे, उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और सहयोगी रवैये के कारण सुगमता से सुलझ गए हैं। किसानों का मानना है कि यदि हर विभाग में योगी अरुण सचदेव जैसी कार्यनिष्ठा और नम्रता वाले व्यक्तित्व हों, तो ग्रामीण और कृषि व्यवस्था का कायाकल्प होना निश्चित है।

​इंजी. योगी अरुण सचदेव का यह आचरण सिद्ध करता है कि जब दक्षता, निष्ठा और नम्रता एक साथ मिलती हैं, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिखती है। क्षेत्रीय कृषकों का उनके प्रति यह अपार स्नेह और सम्मान उनकी निष्काम जनसेवा का सबसे बड़ा प्रमाण है।
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