विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में डॉ. अनुज कुमार का नाम अंकित
वेलकम इंडिया नितिन शर्मा

बिजनौर। हल्दौर ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, हल्दौर, जनपद बिजनौर के निदेशक डॉ. अनुज कुमार ने विश्व पटल पर अपनी अमिट पहचान बनाई है। उनकी इस महान उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है। क्षेत्रीय ग्रामवासियों, मित्रगण, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों द्वारा बधाई देने वालों का लगातार प्रवाह हो रहा है। सूरज की ज्योत कलश की भाँति विश्व भर में उनका नाम रोशन हुआ है। इस सूर्योदय का कभी अभ्युदय न हो, हमेशा प्रकाशवान रहे। डॉ. कुमार ने मई 2011 से दिसंबर 2011 तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के इंस्ट्रूमेंट डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर (IDDC) में रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्य किया। इसके बाद जनवरी 2012 से अक्टूबर 2012 तक उन्होंने एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। इसी अवधि में वे दक्षिण कोरिया के सियोल विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग से विजिटिंग पोस्टडॉक्टोरल फेलो के रूप में भी जुड़े रहे।
नवंबर 2012 से दिसंबर 2014 तक उन्होंने दक्षिण अफ्रीका गणराज्य (RSA) के प्रिटोरिया विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के एडवांस्ड सेंसर नेटवर्क (ASN) समूह में वाइस चांसलर पोस्टडॉक्टोरल फेलो के रूप में कार्य किया।
मार्च 2015 से दिसंबर 2015 तक वे सिंगापुर स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) के इलेक्ट्रिकल मशीन एवं ड्राइव्स प्रयोगशाला में रिसर्च फेलो रहे।
उद्योग जगत में भी उन्हें महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त है। सितंबर 2000 से जून 2002 तक उन्होंने नई दिल्ली स्थित APL Intelligent Embedded में इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर के रूप में कार्य किया, जहाँ वे माइक्रोकंट्रोलर-आधारित हार्डवेयर एवं अनुप्रयोगों के विकास में संलग्न रहे। अक्टूबर 2004 से दिसंबर 2005 तक उन्होंने नई दिल्ली स्थित Dell Soft Technologies में इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर-EDA के रूप में कार्य किया। शोध एवं वैज्ञानिक योगदान
डॉ. अनुज कुमार ने एक पुस्तक और तीन पुस्तक अध्यायों का लेखन किया है। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर की समीक्षित शोध पत्रिकाओं एवं सम्मेलनों में 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित होने का उल्लेख है। उनके दो कॉपीराइट तथा तीन पेटेंट प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि पिछले पाँच वर्षों में छह पेटेंट होने का भी उल्लेख किया गया है।

