समाधि स्थल के पास पेड़ काटने के आरोप से मचा हड़कंप, राजस्व टीम ने की जांच

डुमरिया मठ में पुलिस-राजस्व टीम ने पहुंचकर खंगाली विवादित भूमि, स्थानीय लोगों से ली जानकारी
कुशीनगर। तरयासुजान थाना क्षेत्र के डुमरिया मठ में विवादित भूमि पर स्थित समाधि स्थल के पास पुराने पीपल एवं बरगद के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोप के बाद पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से पूरे मामले की जानकारी ली।
मठ की ओर से वादी रुद्रानंद गिरी ने तरयासुजान थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि रात के समय ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से समाधि स्थल के आसपास लंबे समय से लगे पुराने पेड़ों को गिराने और स्थल को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। मठ पक्ष का कहना है कि ये पेड़ धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़े हुए हैं।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद राजस्व टीम ने भी पहुंचकर संबंधित भूमि की स्थिति और मौके पर हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई।
विवादित भूमि पर न्यायालय में भी मामला
बताया जा रहा है कि संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय में भी मामला विचाराधीन है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच विवाद को देखते हुए प्रशासनिक टीम ने मौके की स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जिन पेड़ों को उखाड़े जाने की बात कही जा रही है, उस भूमि पर मठ के महंत की समाधि स्थित है।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल और उससे जुड़ी आस्था को नुकसान पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं होना चाहिए।
मौके पर कानूनगो तरयासुजान हरेंद्र, लेखपाल रंजीत सिंह तथा चौकी इंचार्ज तिनफेड़िया विवेक अवस्थी मय पुलिस फोर्स मौजूद रहे।



