उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर अधिवक्ता संदीप प्रताप सिंह ने की भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग

(संतोष कुमार सिंह )
वाराणसी :- अधिवक्ता एवं पूर्व छात्र नेता संदीप प्रताप सिंह पिंटू ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से भेंट कर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री बलदेव संस्कृत महाविद्यालय,तरयां-पिपरी, चौबेपुर वाराणसी में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार एवं कूटरचित अभिलेखों के आधार पर शासकीय कोष को क्षति पहुँचाने संबंधी प्रकरण का विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा | शिकायत के साथ उन्होंने विभिन्न विभागों के आधिकारिक पत्रों एवं अभिलेखों को प्रमाण स्वरूप प्रस्तुत किया |
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक वाराणसी द्वारा पूर्व में नियुक्ति प्रक्रिया को नियमों के विरुद्ध बताते हुए निरस्त किया जा चुका था तथा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा भी महाविद्यालय प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया था | इसके बावजूद कथित रूप से संदिग्ध अभिलेखों के आधार पर नियुक्तियाँ कर शासकीय वेतन का भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है |
अधिवक्ता संदीप प्रताप सिंह ने मंत्री से मांग की कि पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं सक्षम जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए | यदि जांच में कूटरचना, भ्रष्टाचार,पद के दुरुपयोग अथवा शासकीय धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करते हुए शासकीय कोष को हुई क्षति की वसूली भी सुनिश्चित की जाए | उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय ने शिकायत एवं प्रस्तुत दस्तावेजों का संज्ञान लेते हुए प्रकरण की विधिसम्मत जांच कराए जाने का आश्वासन दिया |
संदीप प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति को प्रभावी बनाने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस मामले की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है | उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी और शासन की सुशासन की प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत होगी ||


