वासिन गांव के कोटे की जांच में 75 कार्डधारकों से पूछताछ, कोटेदार के पक्ष में दिखे ग्रामीण

कोटेदार ने शिकायत को बताया राजनीतिक साजिश
कम राशन और अंगूठा लगवाकर खाद्यान्न न देने की शिकायत पर हुई है जांच;
कोटेदार प्रतिनिधि ने शिकायतकर्ता पर लगाए गंभीर आरोप, रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के सेमरियावां ब्लॉक अंतर्गत ग्राम वासिन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (कोटे) को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। बूढ़ान नगर मदाइन निवासी सुहेल अहमद द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर बुधवार को सदर तहसील के नायब तहसीलदार प्रेम नारायण की अध्यक्षता में जिला पूर्ति विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान टीम ने गांव के 75 राशन कार्डधारकों के घर-घर जाकर सत्यापन किया। अधिकारियों ने लाभार्थियों से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिलने, अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन न मिलने और वितरण व्यवस्था से जुड़े अन्य बिंदुओं पर जानकारी ली। नायब तहसीलदार प्रेम नारायण ने बताया कि जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय जिलाधिकारी स्तर से लिया जाएगा।
शिकायत में लगाए गए थे गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता सुहेल अहमद ने 5 जून 2026 को जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम वासिन की कोटेदार जाहिदा खातून राशन कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम राशन देती हैं। साथ ही कई बार लाभार्थियों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद खाद्यान्न नहीं दिया जाता, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
कोटेदार प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया राजनीतिक द्वेष
जांच के दौरान कोटेदार जाहिदा खातून के पति एवं प्रतिनिधि अफसरुद्दीन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायत पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता सुहेल अहमद गांव से चुनाव लड़ चुके हैं और हार के बाद लगातार कोटे की व्यवस्था को विवादित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत कर अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है, जिससे गांव के राशन वितरण कार्य में अनावश्यक बाधा उत्पन्न हो रही है।
अफसरुद्दीन ने दावा किया कि अभी केवल 75 कार्डधारकों से पूछताछ हुई है। यदि पूरे गांव के लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाए तो अधिकांश लोग राशन वितरण व्यवस्था से संतुष्ट मिलेंगे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित नहीं होंगे।
5 जून की घटना भी बनी विवाद का कारण
कोटेदार प्रतिनिधि ने बताया कि 5 जून को सरकारी खाद्यान्न ट्रक से उतरने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पिकअप वाहन से दूसरे ग्रामसभा के गोदाम तक भेजा जा रहा था। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी राशन बाजार में बेचा जा रहा है। मामले की सूचना प्रशासन को दी गई, जिसके बाद मौके पर पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने जांच की। अफसरुद्दीन का कहना है कि उस जांच में भी उनके खिलाफ कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी।
पिकअप चालक ने भी दिया लिखित बयान
मामले में पिकअप चालक इमरान पुत्र मुस्ताक अहमद निवासी पकरी नासिर, थाना मुंडेरवा ने भी लिखित बयान दिया। चालक के अनुसार उसे अफसरुद्दीन ने दूसरे ग्रामसभा का खाद्यान्न पहुंचाने के लिए बुलाया था। उसने बताया कि मौके पर सुहेल अहमद ने वीडियो बनाते हुए वाहन रोक लिया और विवाद हुआ। चालक का कहना है कि बाद में दबाव में उससे यह कहलवाया गया कि खाद्यान्न वासिन का था, जबकि उसके अनुसार वाहन में दूसरे ग्रामसभा का खाद्यान्न लादा जा रहा था। उसने अधिकारियों से अपने वास्तविक बयान को रिकॉर्ड में शामिल करने का अनुरोध किया।
अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल शिकायतकर्ता और कोटेदार पक्ष दोनों अपने-अपने दावों पर कायम हैं, जबकि प्रशासन जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेने की बात कह रहा है।



