40 करोड़ की नगर निगम भूमि पर कब्जे की साजिश नाकाम, सरकारी जमीन पर खोले गए गेट होंगे बंद

गाजियाबाद। अर्थला क्षेत्र में लगभग 40 करोड़ रुपये मूल्य की नगर निगम की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास का मामला सामने आने पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। सूचना मिलते ही सोमवार को महापौर सुनीता दयाल के निर्देश पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, जहां सरकारी भूमि पर बनाई गई बाउंड्रीवाल को तोड़कर अवैध रास्ते तैयार किए जाने और कई लोगों द्वारा अपने गेट सीधे नगर निगम की भूमि में खोलकर उसका व्यावसायिक उपयोग किए जाने का मामला उजागर हुआ। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने नगर निगम की टीम के साथ अभद्रता भी की, जिसके बाद पुलिस बल बुलाना पड़ा। बाद में स्वयं महापौर मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले का निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा सभी अवैध रास्ते तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। नगर निगम के अनुसार अर्थला गांव स्थित खसरा संख्या 1085 की लगभग 1010 वर्गमीटर भूमि नगर निगम की संपत्ति है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 करोड़ रुपये है। इस भूमि की सुरक्षा के लिए नगर निगम द्वारा पहले से बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने बाउंड्रीवाल को तोड़कर अवैध रास्ते बना लिए तथा कई स्थानों पर अपने मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के गेट नगर निगम की भूमि की ओर खोल दिए। इतना ही नहीं, सरकारी जमीन का उपयोग वाहन खड़े करने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही महापौर सुनीता दयाल ने संपत्ति अधीक्षक और नगर निगम की प्रवर्तन टीम को मौके पर भेजा। कार्रवाई के दौरान रोहताश, बिल्लू उर्फ संजीव, जगदीश, अशोक, जयपाल, पवन और राकेश निवासी करहैड़ा समेत कुछ लोगों ने नगर निगम की टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया और कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलते ही महापौर ने तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क कर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा, जिसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई आगे बढ़ाई।
कुछ ही देर बाद महापौर स्वयं अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर निगम की दीवार तोड़कर कई स्थानों पर अवैध रास्ते बना लिए गए हैं तथा सरकारी भूमि का उपयोग निजी और व्यावसायिक हितों के लिए किया जा रहा है। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अवैध गेट और रास्ते बंद किए जाएं, बाउंड्रीवाल को पहले से अधिक ऊंचा और मजबूत बनाया जाए तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध कब्जे का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि कुछ भूमाफियाओं की नजर नगर निगम की इस बहुमूल्य भूमि पर थी और सुनियोजित तरीके से उस पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम की एक इंच भूमि पर भी किसी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करने या उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम की सभी संवेदनशील और मूल्यवान संपत्तियों की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां कहीं भी अतिक्रमण या अवैध कब्जे की शिकायत मिले, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नगर निगम का कहना है कि अर्थला में अवैध रास्तों को बंद करने, बाउंड्रीवाल को पुनर्निर्मित करने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।



