हाथियों की दस्तक से किसान दहशत में, फसलें बर्बाद

एक सप्ताह से जंगल से निकलकर खेतों में पहुंच रहा झुंड, धान-गन्ने की फसल रौंदी
वेलकम इंडिया पीलीभीत
पूरनपुर/पीलीभीत। थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के जंगल किनारे बसे गांवों में जंगली हाथियों के झुंड की लगातार दस्तक से किसानों में दहशत का माहौल है। करीब एक सप्ताह से हाथी जंगल से निकलकर खेतों में पहुंच रहे हैं और धान व गन्ने की खड़ी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार की रात भी हाथियों के झुंड ने कई किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलें बर्बाद कर दीं।किसानों के अनुसार हाथियों ने विजय बहादुर सिंह की करीब एक एकड़ धान व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं ओम प्रकाश की एक एकड़ धान, दीनदयाल की तीन बीघा धान और धीरज की दो बीघा गन्ने की फसल हाथियों ने रौंद दी। इसके अलावा प्रहलाद की पांच बीघा धान, चंद्रदेव की चार बीघा गन्ना, धनराजी की तीन बीघा गन्ना, शिवपूजन की पांच बीघा और तारकेसर की पांच बीघा गन्ने की फसल भी हाथियों की चपेट में आ गई।फसल तैयार होने के समय हुए इस नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि धान और गन्ने की फसल में उन्होंने महीनों मेहनत और पूंजी लगाई है। ऐसे समय में हाथियों द्वारा फसलें रौंदे जाने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। वहीं रात के समय खेतों में हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को जान-माल की सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों की आवाजाही पर समय रहते प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने वन विभाग से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने, नियमानुसार मुआवजा दिलाने, हाथियों की लगातार निगरानी बढ़ाने तथा उन्हें जंगल से निकलकर खेतों और आबादी की ओर आने से रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है। किसानों ने विभागीय टीम से रात में गश्त बढ़ाने की भी अपील की है।



