ग़ाज़ियाबाद

रात के अंधेरे में भी कांवड़ मार्ग पर निगम की नजर, साई उपवन कांवड़ शिविर में पहुंचे, विश्राम कर रहे शिवभक्तों से की बातचीत-दुहाई से मेरठ रोड तक रात्रि निरीक्षण, कांवडिय़ों से मिले नगर आयुक्त, शिविर की व्यवस्थाएं देख जताई संतुष्टि

गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए नगर निगम पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में डटा हुआ है। दिन के साथ अब रात में भी निगम अधिकारियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है। कांवड़ मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था से लेकर साफ-सफाई, सुरक्षा, कांवड़ शिविरों की सुविधाओं और श्रद्धालुओं की जरूरतों पर निगम की टीम 24 घंटे नजर रख रही है। इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने देर रात कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुहाई से लेकर मेरठ रोड तक विभिन्न स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था को देखा और रात्रि में गुजर रहे कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं की जानकारी ली। नगर आयुक्त ने रात्रि भ्रमण के दौरान कांवड़ मार्ग पर तैनात निगम टीम की सक्रियता का जायजा लिया। उन्होंने दुहाई से मेरठ रोड तक प्रकाश व्यवस्था को देखा और यह सुनिश्चित किया कि कांवड़ यात्रियों को रात के समय आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही उन्होंने कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए स्थापित कंट्रोल रूम पहुंचकर वहां से की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। रात्रि में गुजर रहे कांवडिय़ों की आवाजाही और मार्ग पर निगम की व्यवस्थाओं को भी देखा गया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर सहित कांवड़ मार्ग के महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र सहित निगम की टीम मौजूद रही। रात्रि निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त साई उपवन पहुंचे, जहां गाजियाबाद नगर निगम और साई सेवा ट्रस्ट की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए शिविर का आयोजन किया गया है। यहां उन्होंने शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। विश्राम कर रहे कांवड़ यात्रियों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही, इसकी जानकारी ली। नगर आयुक्त ने हरियाणा और दिल्ली से आए कांवड़ यात्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिविर में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा और उन्हें आराम से विश्राम करने के लिए कहा। नगर आयुक्त ने शिवभक्तों को नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने शिविर में संचालित रसोई का निरीक्षण किया। खानपान की व्यवस्था, साफ-सफाई और रसोई परिसर की स्वच्छता को देखा गया। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध हो रही हैं या नहीं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। नगर निगम के कांवड़ शिविर में श्रद्धालुओं के लिए पंखों की पर्याप्त व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, स्नानघर, खानपान और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रात्रि निरीक्षण के दौरान शिविर में विश्राम कर रहे कांवड़ यात्रियों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा के बीच शिविर में उन्हें आराम करने, स्नान करने, भोजन करने और आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, जिससे उनकी यात्रा काफी सुगम हो रही है। कांवड़ यात्रियों ने सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की भी सराहना की और नगर निगम की टीम का आभार जताया। श्रद्धालुओं की संतुष्टि को देखते हुए निगम अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान निगम की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। निगम अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और रात्रि में भी निगम की टीमें सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, शिविरों की सुविधाएं, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं से जुड़े सभी पहलुओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थान पर समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। नगर निगम की कोशिश है कि गाजियाबाद से गुजरने वाले प्रत्येक कांवड़ यात्री को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और वह सुखद अनुभव के साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हो। कांवड़ यात्रा के दौरान नगर निगम की यह रात्रिकालीन सक्रियता इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक मशीनरी केवल दिन के समय ही नहीं, बल्कि रात में भी पूरी गंभीरता के साथ व्यवस्थाओं को संभाल रही है। मार्गों पर रोशनी से लेकर शिविरों में विश्राम तक, हर व्यवस्था पर अधिकारियों की सीधी निगरानी बनी हुई है।

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