पति की हत्या का 12 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार

गाजियाबाद। खोड़ा थाना क्षेत्र में पति की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, अंशुल की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंच गई। इस कार्रवाई में एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के नेतृत्व और निगरानी में पुलिस टीम ने तेजी से कदम उठाए। पुलिस ने आरोपी प्रेमी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल अवैध तमंचा और खोखा कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, अंशुल अपनी पत्नी निशा के साथ खोड़ा के वंदना विहार में किराये के कमरे में रहता था। दोनों नोएडा स्थित एक ही सिलाई कंपनी में काम करते थे। जांच में सामने आया कि निशा और पप्पू उर्फ गंगा भगत के बीच प्रेम संबंध थे। पुलिस का आरोप है कि दोनों अंशुल को रास्ते से हटाकर शादी करना चाहते थे। इसी साजिश के तहत शनिवार (10 अक्टूबर) को पप्पू ने कथित तौर पर निशा के साथ मिलकर अंशुल की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में जुट गई। हत्या की घटना के बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कम समय में गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली। पप्पू ने पुलिस को बताया कि वह गांव से तमंचा और कारतूस लेकर आया था। उसने निशा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। 10 अक्टूबर को मौका पाकर उसने अंशुल की गोली मारकर हत्या कर दी और फोन पर निशा को इसकी जानकारी दी। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान वारदात से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि घटना से संबंधित साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप जुटाया जा सके। पुलिस ने आरोपी पप्पू उर्फ गंगा भगत की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध .315 बोर का तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। बरामदगी के बाद मामले में शस्त्र अधिनियम की धारा भी बढ़ाई गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में एसीपी सूर्यबली मौर्य की निगरानी में त्वरित कार्रवाई और पुलिस टीम के समन्वय से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी संभव हुई। हालांकि, आरोपों की पुष्टि और दोष तय करने का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।



