कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारी तेज, यातायात और सेवा व्यवस्थाओं पर हुआ मंथन

गाजियाबाद। सावन मास की शुरुआत के साथ ही प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं और कांवडिय़ों की भारी भीड़ उमडऩे की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शहर कोतवाल ने संभ्रांत नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर सुरक्षा, यातायात और सेवा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में शहर कोतवाल ने कहा कि सावन के प्रथम दिन से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते हैं और यहीं से अनेक कांवडि़ए अपनी यात्रा का शुभारंभ करते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक श्रद्धालु और कांवडिय़ा सुरक्षित वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके तथा किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक के दौरान उपस्थित संभ्रांत नागरिकों ने पिछले वर्षों के अनुभव साझा करते हुए यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और सेवा शिविरों के संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सभी ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि पुलिस और समाज के सामूहिक सहयोग से ही कांवड़ यात्रा को सफल एवं व्यवस्थित बनाया जा सकता है। शहर कोतवाल ने कांवड़ सेवा शिविरों के आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक शिविर में पर्याप्त संख्या में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा उनकी रिकॉर्डिंग कुछ दिनों तक सुरक्षित रखी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर लगाए जाएं, जिससे कांवड़ मार्ग पर यातायात बाधित न हो और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे। उन्होंने आयोजकों को निर्देशित किया कि भोजन अथवा अन्य खाद्य सामग्री का वितरण शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और लाइसेंस अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही प्रत्येक शिविर में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। शहर कोतवाल ने यह भी सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो सेवा शिविरों में आने वाले कांवडिय़ों का नाम और मोबाइल नंबर सहित संक्षिप्त विवरण दर्ज किया जाए। इससे किसी श्रद्धालु के बिछडऩे, दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में उसकी पहचान कर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में आसानी होगी। बैठक में मौजूद सामाजिक प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का महापर्व है और इसे सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बैठक में पार्षद नीरज गोयल, व्यापारी नेता राकेश स्वामी, संजीव मित्तल, संदीप बंसल, आलोक गर्ग सहित अनेक संभ्रांत नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में शहर कोतवाल ने सभी से अपील की कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें, प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सम्मान करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस, प्रशासन और नागरिकों के समन्वित प्रयासों से इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।


