बरेली पुलिस में अनुशासन पर बड़ा प्रहार: सोशल मीडिया, गैरहाजिरी और ड्यूटी से इनकार पर SSP का एक्शन, 7 पुलिसकर्मी निलंबित

मेयर का पॉडकास्ट रिकॉर्ड करना पड़ा भारी, छुट्टी के बाद नहीं लौटे चार सिपाही, ड्यूटी से इनकार करने वालों पर भी गिरी गाज
बरेली। पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन और ड्यूटी के प्रति लापरवाही पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए एक साथ सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश चला गया है कि नियमों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेयर का पॉडकास्ट बना कार्रवाई की वजह
रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी अजय कुमार पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय अनुमति के बिना बरेली के मेयर उमेश गौतम का पॉडकास्ट और इंटरव्यू रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया। इसे उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन मानते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी।
छुट्टी खत्म, लेकिन ड्यूटी पर नहीं लौटे चार रिक्रूट सिपाही
अनुशासनहीनता के दूसरे मामले में रिक्रूट आरक्षी पीयूष मोहन (थाना क्योलड़िया), अनिल कुमार (थाना मीरगंज), सगुन कुमार (यूपी-112) और विवेक धामा (थाना इज्जतनगर) छुट्टी समाप्त होने के बाद भी बिना अनुमति ड्यूटी पर वापस नहीं पहुंचे। लगातार अनुपस्थित रहने पर चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
ड्यूटी से इनकार करना भी पड़ा महंगा
रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी सौरभ कुमार निर्धारित ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। वहीं पुलिस लाइन में तैनात कुक विक्की कश्यप पर ड्यूटी के लिए बुलाए जाने के बावजूद आने से इनकार करने का आरोप है। दोनों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
एक साथ सात निलंबन से पुलिस महकमे में हलचल
एक ही आदेश में सात पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई ने पूरे पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। विभागीय स्तर पर इसे अनुशासन लागू करने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सेवा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एसएसपी का साफ संदेश—‘अनुशासन से समझौता नहीं’
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्यूटी में लापरवाही, विभागीय आदेशों की अवहेलना, सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों की विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


