शारदा नदी में बढ़ा जलस्तर, धनाराघाट पर तेज कटान से निर्माणाधीन सेतु पर मंडराया खतरा

गाइड बंध निर्माण की मांग तेज, ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाने की उठाई आवाज
वेलकम इंडिया पीलीभीत
पीलीभीत। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर शारदा नदी के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही धनाराघाट क्षेत्र में कटान की रफ्तार भी तेज हो गई है। रविवार को धनाराघाट में निर्माणाधीन शारदा सेतु और जंगल के बीच नदी के किनारे तेजी से हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। कटान की चपेट में आकर कई बेशकीमती पेड़ भी नदी में समा गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कटान रोकने के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।सबसे बड़ी चिंता करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन शारदा सेतु की सुरक्षा को लेकर जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी जिस तेजी से अपना रुख बदलते हुए कटान कर रही है, उससे निर्माणाधीन सेतु के आसपास का क्षेत्र भी प्रभावित हो सकता है। चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि निर्माणाधीन सेतु से करीब 500 मीटर की दूरी पर धनाराघाट की ओर शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर सेतु की सुरक्षा के लिए नदी के दोनों ओर करीब एक-एक किलोमीटर लंबे गाइड बंध के निर्माण की मांग की गई थी।
प्रधान ने कहा कि यदि समय रहते गाइड बंध का निर्माण करा दिया जाए तो निर्माणाधीन सेतु के साथ ही आसपास के गांवों और कृषि भूमि को भी कटान से बचाया जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी का कटान हर वर्ष किसानों की उपजाऊ जमीन को अपने आगोश में ले लेता है। इसके कारण कई परिवारों की कृषि भूमि समाप्त हो चुकी है और कई गांव भी नदी की धारा में समा चुके हैं।लगातार बारिश के कारण हाल ही में सुतिया पुल के क्षतिग्रस्त होने से भी क्षेत्रवासियों की मुश्किलें बढ़ी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराते हुए सुरक्षा के स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है, ताकि निर्माणाधीन सेतु और आसपास के आबादी क्षेत्रों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।



