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भू-गर्भ जल संरक्षण के लिये गोष्ठियों व जागरूकता रैलियों से ग्रामीणों को किया गया जागरूक

विजय द्विवेदी वेलकम इन्डिया

दिनांक 22 जुलाई 2026 प्रतापगढ़। भू-जल सप्ताह के अन्तर्गत जनपद में भू-गर्भ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भूमि संरक्षण विभाग प्रथम व द्वितीय द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में कृषक गोष्ठियों, जागरूकता बैठकों एवं रैलियों का आयोजन किया गया। भूमि संरक्षण इकाई प्रथम द्वारा 21 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत रतनमई तथा 22 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत ढिढुई में जागरूकता अभियान चलाया गया। आयोजित बैठकों में कृषकों को वर्षा जल संचयन एवं मृदा संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। कृषकों से अपील की गई कि वर्षा जल के संरक्षण के लिए रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कराया जाए तथा प्रत्येक खेत में मेड़बंदी का कार्य कराया जाए, जिससे वर्षा का जल खेत में ही संरक्षित हो सके। अधिकारियों ने बताया कि खेतों की मेड़ों पर पौधरोपण करने से मृदा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलती है। ग्रामीणों से गांव के सार्वजनिक तालाबों की सफाई ग्रामीण सहभागिता एवं श्रमदान के माध्यम से कराने की अपील की गई, ताकि जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन सुनिश्चित हो सके। गोष्ठी के उपरान्त प्राथमिक विद्यालय ढिढुई के छात्र-छात्राओं एवं कृषकों के साथ जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को भू-गर्भ जल संरक्षण, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। रैली में दिनकर अवर अभियंता, गौरव श्रीवास्तव, महेन्द्र प्रताप, ध्रुव कुमार, श्री लाल कुंवर तिवारी वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी तथा प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी प्रेमनाथ वर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे।

इसी क्रम में 22 जुलाई 2026 को भूमि संरक्षण इकाई द्वितीय द्वारा विकास खण्ड मंगरौरा के ग्राम पंचायत नरहरपुर में कृषक गोष्ठी एवं जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। भूमि संरक्षण अधिकारी चमन सिंह ने विभागीय योजनाओं, खेत तालाब योजना तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के माध्यम से कराए जा रहे वर्षा जल संचयन एवं मृदा संरक्षण कार्यों की जानकारी कृषकों को दी। उन्होंने कृषकों को प्रोत्साहित किया कि वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए नहर के पास रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कराया जाए तथा प्रत्येक खेत की मेड़ को मजबूत एवं निर्धारित ऊंचाई तक बनाया जाए, ताकि वर्षा का जल खेत में ही संरक्षित हो सके। उन्होंने बताया कि इससे भू-जल स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ मृदा संरक्षण में भी मदद मिलेगी। गोष्ठी के बाद प्राथमिक विद्यालय नरहरपुर के छात्र-छात्राओं एवं कृषकों द्वारा जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली प्राथमिक विद्यालय नरहरपुर से प्रारम्भ होकर ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए पंचायत भवन नरहरपुर पर समाप्त हुई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन, भू-गर्भ जल के समुचित उपयोग, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों से जल संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को बचाने, अधिक से अधिक पौधरोपण करने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं कोई विकल्प” का संदेश देते हुए भू-गर्भ जल संरक्षण को जन आन्दोलन बनाने की अपील की गई।

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