भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, प्रेमनाथ उर्फ गुड्डू चौधरी के नेतृत्व में उठी किसानों की आवाज

नरेश टिकैत के मार्गदर्शन में 15 सूत्रीय मांग पत्र, एमएसपी, गन्ना भुगतान व बिजली समेत कई मुद्दे शामिल
डीएम को भी सौंपा ज्ञापन, स्थानीय समस्याओं पर 15 दिन में कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संतकबीरनगर। किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने मजबूत पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी संतकबीरनगर के माध्यम से सौंपा। यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रेमनाथ उर्फ गुड्डू चौधरी के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण भारत से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि लगातार बढ़ती खेती लागत और फसलों के उचित मूल्य न मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। गन्ना किसानों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जबकि उर्वरकों की किल्लत और प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। यूनियन ने मांग की कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश (C2+50%) के आधार पर सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए तथा गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य न्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और बकाया भुगतान ब्याज सहित तत्काल कराया जाए।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में किसानों व कृषि मजदूरों की संपूर्ण ऋण माफी, कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली, ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली, मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार व 700 रुपये दैनिक मजदूरी, उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, फसल बीमा योजना में पारदर्शिता, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का पालन, विदेशी व्यापार समझौतों से किसानों के हितों की रक्षा, डेयरी व बीज क्षेत्र में स्वदेशी हितों का संरक्षण और युवाओं के लिए कृषि आधारित रोजगार सृजन जैसी कुल 15 मांगें प्रमुखता से रखी गईं।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी संतकबीरनगर को सौंपे गए अलग ज्ञापन में स्थानीय समस्याओं को भी विस्तार से उठाया। इसमें विकास खंड बघौली के ग्रामसभा मलोरना में नाला निर्माण, जनपद की सड़कों की मरम्मत व चौड़ीकरण, खतौनी में त्रुटियों का सुधार, अघोषित बिजली कटौती पर रोक, खाद-बीज की उपलब्धता, सेमरियावां ब्लॉक में सफाई व इंटरलॉकिंग, नहरों के माइनरों में पानी की आपूर्ति, पेंशन योजनाओं का समय पर लाभ, दवा कालाबाजारी पर रोक, धरना स्थल का सुंदरीकरण और छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन में यूनियन की ओर से प्रेम नाथ चौधरी (जिलाध्यक्ष) का भी उल्लेख किया गया है, जिन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। संगठन ने प्रशासन से सभी बिंदुओं पर 15 दिन के भीतर परिणामात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, अन्यथा व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस अवसर पर किसानों ने “जय जवान, जय किसान” का नारा बुलंद करते हुए कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।



