ग़ाज़ियाबाद

मोहन नगर से ज्ञानी बॉर्डर तक धूल पर चलेगा बुलडोजर, नगर आयुक्त के सख्त तेवर से अफसरों में मचा हड़कंप 

गाजियाबाद। दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले प्रमुख मार्ग की बदहाल स्थिति, उड़ती धूल और सड़क किनारे फैले मलबे को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सोमवार को बड़ा एक्शन लिया। सोमवार को मोहन नगर तिराहे से लेकर ज्ञानी बॉर्डर तक किए गए निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और जल निगम के अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर ही फटकार लगाते हुए 10 दिनों के भीतर पूरे मार्ग को धूल मुक्त बनाने के सख्त निर्देश जारी किए। नगर आयुक्त के तेवर इतने सख्त रहे कि निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क किनारे अनावश्यक रूप से मलबा, धूल या निर्माण सामग्री दिखाई देने पर जिम्मेदार विभागों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली से गाजियाबाद में प्रवेश करने वाला यह प्रमुख मार्ग शहर की पहचान है और इसकी बदहाल स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सड़क किनारे जमी धूल, टूटी ग्रीन बेल्ट, खराब सेंट्रल वर्ज और विभिन्न विभागों के अधूरे कार्यों को लेकर अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से विशेष धूल मुक्त महा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। इसके तहत मशीनों, जेसीबी और सफाई टीमों की मदद से सड़क से धूल हटाने और पानी का नियमित छिड़काव कराने के आदेश दिए गए। मोहन नगर से राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, राजबाग, शहीद नगर होते हुए ज्ञानी बॉर्डर तक करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्ग को व्यवस्थित और सुंदर बनाने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है। नगर आयुक्त ने उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ. अनुज को निर्देश दिए कि सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट को पूरी तरह हरा-भरा बनाया जाए। इसके लिए पौधारोपण, गमले लगाने और खराब हिस्सों की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू किया जाए। उन्होंने ग्रीन बेल्ट पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए साफ कहा कि किसी भी हाल में सार्वजनिक भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने ग्रीन एरिया को नर्सरी के रूप में विकसित करने और उसे व्यवस्थित स्वरूप देने की योजना पर भी जोर दिया।
जल निगम के अधिकारियों को भी निरीक्षण के दौरान कड़े निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क पर चल रहे निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और निर्माण सामग्री या मलबा सड़क पर न छोड़ा जाए। मौके पर उपस्थित महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद को सभी लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के आदेश दिए गए। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी को निर्देशित किया गया कि वे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सड़क सुधार कार्य तेजी से पूरा कराएं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। प्रमुख मार्ग पर फैली गंदगी और धूल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को फटकार लगाते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से महा सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर फैली गंदगी पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश को संबंधित लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। नगर निगम ने नगर आयुक्त के निर्देशों के बाद तुरंत मोहन नगर से ज्ञानी बॉर्डर तक धूल मुक्त और सफाई महा अभियान शुरू कर दिया। जलकल विभाग द्वारा पानी का छिड़काव कराया गया, जबकि निर्माण विभाग ने सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री हटाने की कार्रवाई शुरू की। जेसीबी मशीनों और सफाई मित्रों की मदद से सड़कों से धूल हटाई गई। वहीं उद्यान विभाग ने ग्रीन बेल्ट को व्यवस्थित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि अगले 10 दिनों के भीतर पूरे मार्ग को व्यवस्थित, स्वच्छ और धूल मुक्त बना दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के साथ पीडब्ल्यूडी और जल निगम को भी विशेष कार्ययोजना के तहत जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया है कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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