स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण: समन्वय पोर्टल (I4C) व NCRP से मिली सूचना पर 05 साइबर अपराधी गिरफ्तार

संतकबीरनगर।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना, एसओजी व थाना धनघटा के साइबर क्राइम थाना उ0नि0 ललित कान्त यादव, उ0नि0 रमेश, उ0नि0 जयप्रकाश यादव, हे0का0 हिन्दे आजाद, का0 रामप्रवेश, का0 शिवम यादव, का0 धीरेन्द्र कुमार, एसओजी प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, हे0का0 विवेक कुमार राय, हे0का0 अनुप राय, का0 अभिषेक सिंह, का0 बीर बहादुर यादव, अपराध निरीक्षक थाना धनघटा रामेश्वर यादव की संयुक्त टीम ने बुद्धवार को 05 अभियुक्तों विजय यादव पुत्र भालचन्द यादव निवासी जगदीशपुर थाना धनघटा, नीतेश कुमार पुत्र सभाजीत निवासी त्रिलोकपुर थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर, शक्ति पुत्र शिवकरन निवासी कुसफरा थाना धनघटा, विकाश पाण्डेय पुत्र सभामणि पाण्डेय निवासी लोहरैया थाना धनघटा, आर्यन पाल पुत्र संजय पाल निवासी भरवल परवतवा थाना धनघटा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 03/2026 धारा 318(4),336(3),338,340(2),3(5) बीएनएस व धारा 66 (c), 66(d) आई0टी0 एक्ट व धारा 3/25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 33 अदद एटीएम कार्ड
12 अदद मोबाइल, 29 अदद पासबुक,18 अदद चेक बुक
24 अदद सिम कार्ड, 02 अदद लेटर पैड, 06 अदद आधार कार्ड, 06 अदद पैन कार्ड, 01 अदद पासबुक कार्ड,
02 अदद लैपटाप, 02 अदद लेपटाप चार्जर, 01 अदद मोटरसाइकिल, 02 अदद रबर स्टाम्प, 08 अदद अवैध जिंदा कारतूस .32 बोर, 16750 रुपये नगद बरामद किया गया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि थाना धनघटा को I4C (गृह मंत्रालय) के समन्वय पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध बैंक खातों की सूचना प्राप्त हुई । जांच के दौरान संदिग्ध सन्नी भारती को थाना पर बुलाकर पूछताछ की गई, जिसने बताया कि विजय यादव एवं नीतेश कुमार द्वारा उसका खाता पंजाब एंड सिंध बैंक में खुलवाया गया था ।
जांच में सामने आया कि अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना शक्ति है । यह गिरोह गरीब एवं असहाय लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और एटीएम, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लेता था ।
गिरोह फर्जी पते व दस्तावेजों का उपयोग कर साइबर ठगी करता था और अपनी पहचान छुपाने के लिए गलत जानकारी देता था । प्राप्त खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश व कर्नाटक से ठगी की धनराशि मंगाने में किया जाता था ।
अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि वे समस्त डाटा अपने एक कमांडर (जनपद इटावा निवासी) को उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन प्राप्त होता था ।
पुलिस टीम द्वारा सूचना के आधार पर पहले विजय यादव एवं नीतेश कुमार को गिरफ्तार किया गया, तत्पश्चात मेहदावल मार्ग स्थित बालू शासन पुल के पास से शेष 03 अभियुक्तों (शक्ति, विकास पाण्डेय, आर्यन पाल) को गिरफ्तार किया गया ।
पूछताछ के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर चलते थे । वाहन के कागजात प्रस्तुत न करने पर मोटरसाइकिल को धारा 207 एमवी एक्ट के अंतर्गत सीज किया गया ।
साइबर क्राइम थाना द्वारा जांच में पाया गया कि कुल 37 खातों के माध्यम से लगभग 05 करोड़ का लेन-देन किया गया था, जिसमें से लगभग 06 लाख रुपये से अधिक होल्ड (फ्रीज) कराए गए हैं । शेष अन्य खातों की जांच प्रचलित है ।



