मुख्य विकास अधिकारी की सख्त समीक्षा, जलापूर्ति में लापरवाही और निर्माण कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी-148 गांवों के लिए स्वीकृत 128 योजनाओं में 55 पूरी, 60 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू

गाजियाबाद। जल जीवन मिशन के तहत जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में प्रशासन ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि दिसंबर 2026 तक सभी लंबित पेयजल योजनाओं का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला विकास अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता जैपाल सिंह, सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर, नामित थर्ड पार्टी एजेंसी के प्रतिनिधि तथा जिला समन्वय डीपीएमयू के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, जलापूर्ति व्यवस्था तथा गुणवत्ता संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जनपद के 148 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुल 128 पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 55 योजनाओं का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है। इन योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव नियमित रूप से किया जा रहा है, जिसके माध्यम से 60 गांवों में प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि शेष 73 पेयजल योजनाओं पर तेजी से निर्माण कार्य जारी है। इनमें से 32 योजनाओं के अंतर्गत 36 गांवों में सीधे नलकूपों के माध्यम से आंशिक जलापूर्ति भी शुरू कर दी गई है, जिससे ग्रामीणों को अस्थायी राहत मिल रही है। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने संचालित सभी पेयजल योजनाओं में नियमित और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना में तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से जलापूर्ति प्रभावित होती है तो संबंधित अधिकारी तत्काल मरम्मत कराकर व्यवस्था को सुचारु करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की स्थिति पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें धंस गई हैं या उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही सभी पुनर्स्थापित सड़कों की गुणवत्ता की जांच नामित थर्ड पार्टी एजेंसी से कराई जाए, ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। निर्माणाधीन योजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर और संसाधन लगाकर सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो तथा प्रत्येक गांव तक समयबद्ध तरीके से सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि दिसंबर 2026 तक सभी निर्माणाधीन योजनाएं पूर्ण होने के बाद जनपद के सभी लक्षित गांवों के लोगों को जल जीवन मिशन का पूरा लाभ मिल सकेगा।
