भीषण गर्मी पर प्रशासन अलर्ट, दोपहर में श्रमिकों से काम कराने पर रोक, लेबर अड्डों पर पहुंचकर बांटे गए ओआरएस और गमछे

गाजियाबाद। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंडलायुक्त भानुचंद गोस्वामी और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ के निर्देश पर जिले के सभी निर्माण कार्यस्थलों पर दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक श्रमिकों से काम कराने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि तेज धूप और लू के चलते श्रमिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए उनके संरक्षण और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों को हीटवेव से बचाव और श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया गया है।
इसी क्रम में गुरुवार सुबह नासिरपुर फाटक स्थित लेबर अड्डे पर श्रम विभाग और रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व उपश्रमायुक्त अनुराग मिश्रा ने किया। उनके साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनोद शर्मा और जितेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों को गमछे, ओआरएस और जलजीरा वितरित किया गया, ताकि वे भीषण गर्मी और लू से खुद को सुरक्षित रख सकें। अधिकारियों ने श्रमिकों को बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। ऐसे में लगातार धूप में काम करना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। श्रमिकों को समय-समय पर पानी पीने, ओआरएस का सेवन करने और सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक निर्माण स्थलों पर कार्य पूरी तरह बंद रहेगा और इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण श्रमिक किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण कराकर इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विभाग की योजनाओं के तहत श्रमिकों को बच्चों के जन्म, शिक्षा, बेटियों की शादी, आपदा राहत, गंभीर बीमारी और मृत्यु जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उपश्रमायुक्त अनुराग मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2025-26 में गाजियाबाद जिले के 11 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में श्रमिक ऐसे हैं जिन्होंने अपना पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे श्रमिकों से अपील की गई कि वे जल्द से जल्द श्रम विभाग में पंजीकरण कराएं, ताकि जरूरत पडऩे पर उन्हें सरकारी सहायता मिल सके। अभियान के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों और फैक्ट्रियों पर निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। यदि किसी निर्माण स्थल पर दोपहर के समय श्रमिकों से काम कराया जाता मिला तो संबंधित संस्था या ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यस्थलों पर पीने के पानी, प्राथमिक उपचार और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद हो। रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग दिया गया। कार्यक्रम में सुभाष गुप्ता, सुषमा गुप्ता, धवल गुप्ता, राकेश चतुर्वेदी, राकेश गुप्ता और प्रीतम लाल समेत कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने श्रमिकों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। प्रशासन का मानना है कि बढ़ती गर्मी के बीच श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से जिलेभर में जागरूकता अभियान चलाकर श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी पहुंचाई जा रही है।



