जाम मुक्त वृंदावन की मांग को लेकर निकली जनपरिक्रमा, ई-रिक्शा व्यवस्था पर उठे सवाल
मथुरा/वृंदावन। वृंदावन सिविल सोसाइटी के आह्वान पर रविवार को धर्मनगरी वृंदावन में जाम मुक्ति की मांग को लेकर विशाल जनपरिक्रमा निकाली गई। “एक परिक्रमा प्रशासन के नाम” मुहिम के अंतर्गत आयोजित इस जनआंदोलन में स्थानीय बच्चे, वृद्ध, महिलाएं, पुरुष सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
श्रद्धालुओं और ब्रजवासियों ने “हरे कृष्णा हरे राम, जाम मुक्त वृंदावन धाम”, “एक ही नारा, एक ही काम — जाम मुक्त वृंदावन धाम” जैसे गगनभेदी नारों के साथ पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। लोगों के हाथों में “नहीं चाहिए सड़कों पर ई-रिक्शा”, “जाम मुक्त हो हमारा वृंदावन”, “जाम के झाम से हमें बचाओ” लिखी तख्तियां थीं। परिक्रमा में शामिल व्यापारिक, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक एवं समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि वृंदावन की संकरी गलियों और प्रमुख मार्गों पर अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन के कारण आए दिन भीषण जाम की स्थिति बन रही है। इससे स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना था कि वृंदावन की पहचान उसकी आध्यात्मिकता और शांत वातावरण से है, लेकिन आज जाम और अव्यवस्थित यातायात ने लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। प्रशासन को तत्काल ठोस नीति बनाकर ई-रिक्शाओं की संख्या नियंत्रित करनी चाहिए। कहा कि परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां लगातार लगने वाले जाम से श्रद्धालुओं की भावना आहत होती है। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालते हुए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू करनी चाहिए। लोगों ने कहा कि जाम की समस्या का सबसे अधिक असर व्यापार और स्थानीय बाजारों पर पड़ रहा है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे वृंदावन की छवि भी प्रभावित हो रही है। महिलाओं ने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों और वृद्धजनों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए जाम के बीच निकलना बेहद कठिन हो गया है। वृंदावन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
वृंदावन सिविल सोसाइटी के पदाधिकारी का संयुक्त रूप से कहना था कि यह आंदोलन किसी के विरोध में नहीं, बल्कि वृंदावन के हित में है। ब्रजवासियों की मांग है कि श्रद्धा की नगरी को जाम और अव्यवस्था से मुक्त कराया जाए।
जनपरिक्रमा के समापन पर उपस्थित लोगों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



