ग़ाज़ियाबाद

आरडब्ल्यूए महासंघ ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मिलकर उठाया दूषित पेयजल का मुद्दा

गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के लाखों लोगों को दूषित पेयजल की समस्या से निजात दिलाने की मांग अब प्रदेश सरकार तक पहुंच गई है। साहिबाबाद आरडब्ल्यूए महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ पहुंचकर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की और क्षेत्र में खराब गुणवत्ता वाले पानी की आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से कहा कि साहिबाबाद के लोगों को दो हजार से ढाई हजार तक टीडीएस वाला पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर गंगाजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की। लखनऊ स्थित मंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि साहिबाबाद क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में भूजल की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। पानी में घुलित ठोस तत्वों का स्तर निर्धारित मानकों से कई गुना अधिक है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्रवासी स्वच्छ पेयजल की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि हरनंदी नदी के किनारे स्थापित कई नलकूपों से बिना किसी शोधन प्रक्रिया के पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं और बच्चों तथा बुजुर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है। महासंघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि जिस प्रकार ट्रांस हिंडन के अन्य क्षेत्रों में गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है, उसी प्रकार साहिबाबाद क्षेत्र को भी गंगाजल परियोजना से जोड़ा जाए ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। उनका कहना था कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार को इस दिशा में शीघ्र कदम उठाने चाहिए। जल समस्या के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं को भी मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बढ़े हुए हाउस टैक्स पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना करों में वृद्धि करना उचित नहीं है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में सड़क, जल निकासी और सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं, फिर भी करों का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सीमा से मोहन नगर तक जीटी रोड की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सड़क पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और जगह-जगह सड़क टूटने से दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों ने सड़क की मरम्मत और अतिक्रमण हटाने की मांग भी की। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार संवेदनशील है और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर पहुंचकर उनके निजी सचिव को भी क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दूषित पेयजल, गंगाजल आपूर्ति, हाउस टैक्स, सड़क मरम्मत और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। इस अवसर पर साहिबाबाद आरडब्ल्यूए महासंघ के सदस्य सौदान सिंह, नंदकिशोर लोधी, वीरेंद्र कुमार, विपिन तलवार, प्रीति सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्रवासियों को जल्द ही राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा।

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