मटियार उर्फ भुतहवा पंचायत भवन में बेड व सोफा सेट डालकर दबंगों का अवैध कब्जा सुविधाएं नदारद

पंचायत सचिव उदय प्रताप गौतम व ग्राम प्रधान चुल्हई की उदासीनता से ग्रामीणों को नही मिल पा रहा सुविधाओं का लाभ, कागजों में हो रहा विकास
असदुल्लाह सिद्दीकी
बढ़नी/सिद्धार्थनगर।विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के गांवों में ‘ग्राम स्वराज’ का सपना फिलहाल पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ग्राम स्वराज के लिए जरूरी ग्राम सचिवालयों की स्थिति काफी खराब है। ज्यादातर गांवों में पंचायत भवनों का उपयोग पंचायतों के लिए नहीं हो रहा है। कहीं ग्रामीण अवैध कब्जा कर रह रहे हैं तो कहीं कंडा पाथा जा रहा है तो कहीं पशुओं का तबेला बने हैं।ग्राम स्वराज का सपना देखे भले ही कई दशक बीत गया हो, लेकिन यह सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मौजूदा समय में हालत यह है कि न तो हर गांवों में पंचायत सचिव हैं और न ही सचिवालय। पंचायतों की बैठक कागजों में हो जाती है ,जो भवन बने भी हैं वह जर्जर हो गए हैं तो कई पर अवैध कब्जा है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के ग्राम पंचायत मटियार उर्फ भुतहवा की बात करें तो यहां के पंचायत भवन पर कुछ दबंग टाइप के ग्रामीणों का कब्जा है। इस पर गांव के ही लोगों ने कब्जा कर लिया है। जिसमें बेड व सोफा सेट डालकर आवास के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
पंचायत भवनों में अवैध कब्जा और सुविधाओं का अभाव एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ‘ग्राम स्वराज’ का सपना प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर पंचायत भवन स्थानीय दबंगों के अवैध कब्जे में हैं, तबेला बना दिए गए हैं या जर्जर हालत में हैं, जिससे वे जनता के काम नहीं आ पा रहे हैं।
बताया जाता है कि बढ़नी क्षेत्र में कई जगहों पर लाखों रुपये की लागत से बने पंचायत भवन चालू नहीं है या फिर खंडहर में तब्दील हो गए हैं कई जगहों पर भवन निर्माण कागजों में पूर्ण दिखाया गया है, लेकिन वहां शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं अधूरी या नदारद हैं। जिसमें प्रशासनिक उदासीनता अवैध कब्जे के खिलाफ समय पर कार्यवाही न होने से दबंगों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर पंचायत भवन की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।



