पूरनपुर की वोटर लिस्ट में ‘खेल’ का आरोप, सपा आक्रामक

5000 संदिग्ध नामों का दावा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
वेलकम इंडिया पीलीभीत
पूरनपुर/पीलीभीत।विधान सभा क्षेत्र 129-पूरीपुर में मतदाता सूची में करीब 5000 संदिग्ध एवं कथित रूप से फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज होने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने मामले को गंभीर बताते हुए उपलब्ध प्रमाणों और दस्तावेजों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के नाम उपजिलाधिकारी पूरनपुर मयंक गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा। सपा नेताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।ज्ञापन समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह “जग्गा” के निर्देश पर सौंपा गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार “राजू” ने किया, जबकि अध्यक्षता सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने की।सपा नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। इसमें अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल होना या पात्र मतदाता का नाम छूट जाना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने संबंधित क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का गहन सत्यापन कराने और जांच में गलत पाए जाने वाले नामों के खिलाफ निर्वाचन नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की। राजकुमार “राजू” ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उनके पास करीब 5000 संदिग्ध मतदाताओं से संबंधित प्रमाण और तथ्य हैं। उन्होंने कहा कि मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है। निर्वाचन आयोग को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लानी चाहिए।विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि मतदाता सूची को लेकर सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं सपा नेता कल्याण सिंह सरोज ने कहा कि लोकतंत्र में एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर जांच कर आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नोमान अली वारसी ने चेतावनी दी कि इस तरह की कथित धांधली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान नजमूल हसन खान, तुफैल खान, सतीश वर्मा, खुर्शीद एडवोकेट, इमरान वली खान, ओमकार भारती, अहीद खान, ओम शर्मा, उस्मान शाह, अमित वर्मा, याकूब अंसारी, ठाकुर प्रसाद, शिवम यादव, नसरूद्दीन, बसीम खान, इमरान सलमानी, मो. सरताज, के. नारायण मिश्रा एडवोकेट, बसंत भारती, अजयपाल, फाजिल खान, राम भरोसे, अजय सिंह चौहान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



