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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा- नारी जब अपनी शक्ति पहचान लेती है तो बन जाती है ‘नारायणी’

राज्यपाल से मिलीं एडवोकेट  शुभि शर्मा 

मथुरा । हाईकोर्ट लखनऊ की अधिवक्ता शुभि शर्मा ने  महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात  कर  महिलाओं एवं बाल अधिकारों के संरक्षण पर कार्य करने हेतु महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त किया ।

       राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना ही बाल विवाह व दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। नारी स्वयं प्रेरणा का स्वरूप है और जब वह अपनी क्षमता पहचान लेती है तो ‘नारायणी’ बन जाती है। उन्होंने बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता को जरूरी बताया।

        एडवोकेट शुभि शर्मा ने बताया कि वो महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करने का कार्य करेंगी  एवं घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, दहेज निषेध और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। इस अवसर पर उनके साथ आईएएस अवनीश कुमार शर्मा,वरिष्ठ समाजसेविका मधु शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

विदित रहे कि नाबालिक लड़कियों की शादी हो जाने के बाद बालिग होने पर लड़की पक्ष के माता पिता लड़की को वापस बुलाने की कोशिश करते हैं।जबकि लड़का लड़की स्वेच्छा से साथ रहना चाहते हैं।

ऐसे में कौन से कानून का संशोधन किया जाए  या  नाबालिक लड़की से लव मेरिज होने के बाद लड़की के बालिग होने पर लड़का उसे छोड़ दे तो उसके लिए क्या दंड हो, ऐसे कानून में क्या संशोधन किया जाए इसके लिए राज्यपाल महोदया ने एडवोकेट शुभि शर्मा को कानून संशोधन के विषय में वार्ता करने को पुनः आमंत्रित किया है।

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