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घर लौट रहे युवक का उज्जैन में मिला शव, मां की आखिरी बातचीत के बाद बंद हुआ मोबाइल, गांव में पसरा मातम…….

अहमदाबाद से ट्रेन से घर लौट रहा था 26 वर्षीय कल्लू कुमार, तीन दिन बाद क्षिप्रा नदी में मिला शव; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार…….

संतकबीरनगर।
दुधारा थाना क्षेत्र के लोहरौली ठकुराई गांव का 26 वर्षीय युवक कल्लू कुमार घर लौटने की उम्मीद लेकर अहमदाबाद से रवाना हुआ था, लेकिन उसकी मंजिल घर नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन की क्षिप्रा नदी बन गई। मां से तबीयत खराब होने की आखिरी बात करने के कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और तीन दिन बाद उसका शव क्षिप्रा नदी में तैरता मिला। इस दर्दनाक खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, जबकि गांव में मातम पसर गया। अब परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

—मां से हुई आखिरी बातचीत, फिर हमेशा के लिए खामोश हो गया मोबाइल
परिजनों के अनुसार, कल्लू कुमार पुत्र चंद्रभान उर्फ पंडित रोजगार के सिलसिले में अहमदाबाद में मेहनत-मजदूरी करता था। करीब 27 जून को वह गांव से अहमदाबाद गया था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसने घर लौटने का फैसला किया और एक जुलाई की सुबह अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस से संतकबीरनगर के लिए रवाना हुआ। रवाना होने से पहले उसने अपनी मां फूलमती से फोन पर बात करते हुए बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह घर वापस आ रहा है। इसके कुछ देर बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। परिवार लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा, लेकिन उससे कोई बात नहीं हो सकी।

—तीन दिन बाद क्षिप्रा नदी में मिला शव, आधार कार्ड से हुई पहचान
तीन जुलाई को उज्जैन पुलिस को क्षिप्रा नदी में एक युवक का शव तैरता मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तलाशी ली तो उसके पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान संतकबीरनगर के लोहरौली ठकुराई निवासी कल्लू कुमार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसे सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

—उज्जैन में ही नम आंखों से किया गया अंतिम संस्कार
मृतक के पिता चंद्रभान उर्फ पंडित ने बताया कि उनका बेटा मेहनत-मजदूरी कर पूरे परिवार का सहारा था। पुलिस के अनुसार शव करीब तीन दिन तक नदी में रहने के कारण काफी खराब हो चुका था। सूचना मिलने पर परिवार के लोग उज्जैन पहुंचे। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने नम आंखों से वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

—दो भाइयों में सबसे छोटा, पांच बहनों का था सहारा
कल्लू कुमार दो भाइयों और पांच बहनों में सबसे छोटा था। बड़े भाई अशोक कुमार ट्रक चालक हैं। पांच बहनों में तीन की शादी हो चुकी है, जबकि दो छोटी बहनें अभी अविवाहित हैं। परिवार को उम्मीद थी कि कल्लू की मेहनत से घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और छोटी बहनों की शादी भी होगी, लेकिन उसकी असमय मौत ने परिवार के सभी सपनों को तोड़ दिया।

—मां-बहनों की चीखों से गूंज उठा घर, गांव में पसरा सन्नाटा
बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां फूलमती बेसुध हो गईं। दोनों छोटी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बड़ी बहनें भी गहरे सदमे में हैं। परिवार की चीख-पुकार सुनकर पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीण लगातार शोक संतप्त परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

—हर जुबान पर एक ही सवाल आखिर क्या हुआ कल्लू के साथ?
लोहरौली ठकुराई गांव में हर कोई यही जानना चाहता है कि घर लौट रहे एक मेहनती युवक के साथ आखिर ऐसा क्या हुआ। अहमदाबाद से घर आने निकला बेटा परिवार तक नहीं पहुंच सका और उसकी मौत रहस्य बन गई। अब परिवार के साथ-साथ पूरे गांव की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस दर्दनाक घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

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