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राजकीय भारतीय इण्टर कालेज के सामने बनना था अन्त्येष्टि स्थल

-गत अक्टूबर में विभागीय जांच में पकड़ा घपला, 8 फरबरी को प्रधान ने शुरू किया काम 

मथुरा। ग्राम पंचायत अड़ींग में 25 जून को 10 लाख रुपए की राशि निकाल ली गई लेकिन अन्त्येष्टि स्थल पर काम मात्र 6.37 लाख का ही कराया गया। विभागीय मूल्यांकन आख्या में इस बात का खुलासा होने पर ग्राम प्रधान द्वारा रविवार को आनन- फानन में पुनः काम शुरू कराया गया। पोखर में बन रहे अन्त्येष्टि स्थल की पूरी धनराशि पहले ही निकाल ली गई और काम अभी तक बाकी है।

निवर्तमान सचिव के कार्यकाल में राजकीय भारतीय इण्टर कालेज के सामने 10 लाख रुपए में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के मद से अन्त्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य शुरू हुआ। उक्त कार्य की संपूर्ण राशि 25 जून 2025 को ही निकाल ली गई। इस बीच विभागीय तकनीकी टीम द्वारा उक्त कार्य का निरीक्षण किया गया। 6 अक्टूबर 2025 की निरीक्षण आख्या में जिला पंचायत राज अधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई कि मौके पर 12 मीटर की बजाय 6-6 मीटर के दो अन्त्येष्टि स्थल बने हैं। पहले स्थल पर करीब 3.12 लाख एवं दूसरे पर 3.25 लाख का परिव्यय आंका गया। 10 लाख रुपए निकाल कर मात्र 6.37 लाख का काम कराया गया। वर्तमान सचिव यतिन शर्मा ने बताया कि प्रकरण उनके कार्यभार संभालने से पुर्व का है। वह सक्षम अधिकारियों के आदेशों के अनुसार कार्यवाही करेंगे।

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घपलों पर पर्दा डाल रहे अफसर

मथुरा। अड़ींग पंचायत में घपलों पर सरकारी मातहत ही लम्बे समय से पर्दा डाल रहे हैं। लोक आयुक्त सृतर की जांच में भी जिला स्तरीय अफसरों ने दीपा पोती ही की। ग्रामीणों ने साक्ष्यों के साथ अफसरों की जांच रिपोर्ट को क्वैश करते हुए जबाव भेजा है। आयुक्त ने 5 जनवरी तक जबाव मांगा था। इधर अन्त्येष्टि स्थल के नये घपले में डी पी आर ओ ने कोई कार्रवाई प्रधान के खिलाफ नहीं की है जबकि विभागीय जांच में गत अक्टूबर 2025 में ही रिपोर्ट उनको भेजी जा चुकी है।

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