ग़ाज़ियाबाद

प्राक्कलन समिति की सख्ती: विकास कार्यों में पारदर्शिता और समयसीमा पर जोर-सड़क, सफाई, बिजली, जलनिकासी और बस संचालन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश-सभापति मुकेश चौधरी ने विभागों को समयबद्ध, पारदर्शी और गड्ढामुक्त विकास कार्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश अठारहवीं विधानसभा की प्राक्कलन समिति (वर्ष 2025-26) की प्रथम उपसमिति की महत्वपूर्ण बैठक सभापति मुकेश चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में समिति के सदस्य लक्ष्मी राज सिंह, वीर विक्रम सिंह ‘प्रिंस’, शाहिद मंजूर, विधायक मोदीनगर डॉ. मंजू सिवाच सहित समिति से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विधायक सदर संजीव शर्मा, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त केशव कुमार चौधरी, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, यातायात पुलिस उपायुक्त त्रिगुण बिशेन, जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा, कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित विक्रम सहित अनेक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान पंचायती राज, नगर विकास, ऊर्जा, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवहन, राजस्व, सिंचाई, आवास एवं शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, शिक्षा, खाद्य एवं रसद, लोक निर्माण, समाज कल्याण, पर्यटन तथा अन्य विभागों की योजनाओं एवं बजट प्रावधानों की क्रमवार समीक्षा की गई। सभापति मुकेश चौधरी ने निर्माण विभागों को निर्देशित किया कि सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और गड्ढामुक्त रखा जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
नगर विकास, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, जल निगम, नगर निगम एवं आवास विकास की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने, कूड़ा निस्तारण प्रणाली को प्रभावी बनाने, जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक मशीनों के उपयोग और सीवेज शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व जनप्रतिनिधियों को पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने तथा जनसमस्याओं के समाधान में समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। सभापति ने जिला पंचायती राज अधिकारी जाहिद हुसैन को ग्राम पंचायतों में संचालित पुस्तकालयों में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए नगर पंचायतों और नगर निगम क्षेत्रों के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर दुकानें स्थापित कराने की भी बात कही गई, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके। बैठक में विधायक मोदीनगर डॉ. मंजू सिवाच ने ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालन बंद होने, बिजली कटौती, किसानों को अनाज विक्रय में आ रही समस्याओं तथा शराब के ठेकों पर अराजक तत्वों के उत्पात का मुद्दा उठाया। समिति ने संबंधित विभागों को तत्काल बस संचालन शुरू करने और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। साथ ही स्मार्ट मीटरों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया गया कि आगामी आदेश तक नए स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं तथा पहले से लगे मीटरों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित न हो। आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि शराब के ठेकों पर कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं विधायक सदर संजीव शर्मा ने जल निगम द्वारा निर्मित पानी की टंकियों के हैंडओवर में देरी और गंदे पानी की सप्लाई की गंभीर समस्या समिति के समक्ष रखी। इस पर सभापति ने जिलाधिकारी को एक समिति गठित कर एक माह के भीतर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभापति मुकेश चौधरी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी निर्माण कार्य पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि आमजन अधिक से अधिक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने समिति को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और प्रगति से समिति को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बैठक के सफल आयोजन हेतु समिति के सदस्यों एवं सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। विकास योजनाओं की गहन समीक्षा, जनसमस्याओं के समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित यह बैठक जनहित में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिति द्वारा दिए गए निर्देशों से विकास कार्यों में गति आने तथा आम नागरिकों को योजनाओं का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

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