ग़ाज़ियाबाद

खुले नालों से मंडरा रहा मौत का खतरा, हादसों के बाद भी नहीं जागा निगम-दीवार और जाल की जगह रस्सी से सुरक्षा, व्यवस्था पर उठे सवाल

साहिबाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में खुले पड़े नालों के कारण लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूर्व में हुई दुर्घटनाओं और मौतों के बावजूद नगर निगम ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हालात यह हैं कि कई बड़े और गहरे नाले बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े हैं, जिनमें आए दिन लोगों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
नोएडा में हुए हादसे के बाद प्रशासन द्वारा नालों के आसपास सुरक्षा दीवार बनाने के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। कई स्थानों पर सुरक्षा के नाम पर केवल रस्सी बांधकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है, जिसे लोग ‘चलताऊ इंतजाम बता रहे हैं। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 7 मार्च की रात एक युवक पैदल जाते समय गहरे नाले में गिर गया था। गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने तुरंत घटना को देख लिया और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे दल ने रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे पहले भी पिछले वर्ष इंदिरापुरम में एक युवक स्कूटी समेत नाले में गिर गया था, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि नालों को पूरी तरह ढंकना संभव नहीं है, तो कम से कम उनके आसपास मजबूत लोहे के जाल या दीवार बनाई जानी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। नमो भारत स्टेशन के पास स्थित एक 8 से 10 फीट गहरा नाला पूरी तरह खुला हुआ है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इस स्थान पर कई बार सुरक्षा दीवार बनाने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी तरह राजेंद्रनगर में डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क से अराधना राजबाग मेट्रो स्टेशन तक फैला खुला नाला लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। सामाजिक संगठन ‘सांझा प्रयासÓ के राष्ट्रीय संयोजक जुगल किशोर का कहना है कि लंबे प्रयासों के बाद भी नगर निगम ने यहां केवल रस्सी बांधकर सुरक्षा का दिखावा किया है, जो किसी भी गंभीर हादसे को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। वसुंधरा सेक्टर-17 में भी कई बार लोग खुले नाले में गिरने से बाल-बाल बचे हैं। यहां स्ट्रीट लाइट खराब होने की स्थिति में खतरा और बढ़ जाता है। इसी प्रकार सेक्टर-15 के नाले की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम से रिहायशी और व्यस्त क्षेत्रों में नालों के आसपास पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करते हुए नालों को सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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