सीडीटीआई में पुलिस प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने की पहल, प्रभावी प्रशिक्षण मॉड्यूल निर्माण पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

गाजियाबाद। केंद्रीय गुप्त प्रशिक्षण संस्थान में पुलिस प्रशिक्षण की गुणवत्ता को आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ‘पुलिस प्रशिक्षण में विधियां एवं दृष्टिकोण’ विषय पर एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के महानिदेशक आलोक रंजन (आईपीएस) द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण प्रणाली में नवाचार, तकनीकी समावेशन और व्यवहारिक दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। अपने संबोधन में आलोक रंजन ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिसिंग की चुनौतियां भी जटिल होती जा रही हैं, ऐसे में प्रशिक्षण प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, तकनीक आधारित और परिणामोन्मुख बनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की दक्षता बढ़ाने से ही पुलिस बल की कार्यक्षमता मजबूत होगी और कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। कार्यक्रम में प्रशिक्षण निदेशक छाया शर्मा (आईपीएस), उप निदेशक प्रशिक्षण सुनील गुप्ता तथा उपनिदेशक प्रशिक्षण सुलोचना गजराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय गुप्त प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ. सचिन गुप्ता (आईपीएस) ने मुख्य अतिथि का स्वागत पौधा भेंट कर किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण निदेशक छाया शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य प्रशिक्षकों की क्षमता निर्माण करना, नई प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाना तथा पुलिस अधिकारियों को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशिक्षण ही पेशेवर पुलिसिंग की आधारशिला है। कार्यक्रम में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, केंद्रीय गुप्त प्रशिक्षण संस्थान, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आए प्रतिभागियों और विशेषज्ञ संकाय सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में डॉ. रोहिणी कटोच, दीपक कुमार बिष्ट, एस उमा रुक्मिणी तथा शिक्षा विशेषज्ञ अमृता बहल ने प्रतिभागियों को वयस्क अधिगम के सिद्धांत, प्रभावी प्रशिक्षण मॉड्यूल निर्माण, फीडबैक मूल्यांकन प्रणाली तथा ऑनलाइन शिक्षण सामग्री तैयार करने की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग और डिजिटल शिक्षण प्रणाली को पुलिस प्रशिक्षण में शामिल करने पर भी विशेष चर्चा की गई। इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को पुलिस प्रशिक्षण में आधुनिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन सत्र के अंत में उप प्राचार्य प्रमोद कुमार जोशी द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के अपर महानिदेशक रवि जोसेफ लोक्कू द्वारा किया गया। समापन सत्र में सुलोचना गजराज ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त केंद्रीय गुप्त प्रशिक्षण संस्थान में 20 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक ‘मादक पदार्थों एवं मनोरोगी पदार्थों की जांच’ विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में महाराष्ट्र पुलिस के 30 अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समन्वयक पुलिस उपाधीक्षक राजकमल रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर महानिदेशक द्वारा संस्थान परिसर में वृक्षारोपण किया गया तथा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।



