नि:शुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर बना स्वास्थ्य जागरण का केंद्र-विशेषज्ञ चिकित्सकों और योगाचार्य ने स्वस्थ भोजन व संतुलित दिनचर्या अपनाने का दिया संदेश

एनसीआर। ग्रेटर नोएडा स्थित एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा बकसन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सहयोग से किशोरों में तेजी से बढ़ रही अत्यधिक भोजन की आदत, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को एक नि:शुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद तथा आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिंज ईटिंग डिसऑर्डर अर्थात अत्यधिक भोजन विकार के प्रति समाज को जागरूक करना तथा किशोरों में बढ़ते वजन, तनावपूर्ण जीवनशैली और गलत खान-पान की आदतों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जानकारी देना था। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल और डिजिटल जीवनशैली के कारण किशोरों की दिनचर्या असंतुलित होती जा रही है, जिससे मोटापा, मानसिक तनाव, नींद की कमी और आत्मविश्वास में गिरावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को नि:शुल्क चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया तथा होम्योपैथिक दवाओं का वितरण किया गया। इसके साथ ही आहार विशेषज्ञों द्वारा संतुलित भोजन की जानकारी दी गई और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के माध्यम से तनाव प्रबंधन के उपाय बताए गए। चिकित्सकों ने समझाया कि समय पर पहचान और उपचार से अत्यधिक भोजन की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. अनुज मित्तल ने कहा कि आज के दौर में किशोरों में अस्वस्थ खान-पान की आदतें और मानसिक दबाव तेजी से बढ़ रहे हैं, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां बन सकते हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनशैली सुधार भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। संस्थान के चेयरमैन एच.एस. बंसल ने अपने संदेश में कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के समग्र स्वास्थ्य को मजबूत बनाना भी है। समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए इस प्रकार के चिकित्सा शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे। ग्रुप डायरेक्टर डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि किसी भी बीमारी की रोकथाम और प्रारंभिक उपचार ही बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन की कुंजी है। उन्होंने बताया कि जागरूकता बढ़ाकर युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम की संयोजक सुश्री प्रीति कुनियाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों को अत्यधिक भोजन विकार के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर सही चिकित्सा उपलब्ध कराना था। शिविर को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई, जिससे भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की प्रेरणा मिली। शिविर में मुख्य चिकित्सकों के रूप में डॉ. कथिका चट्टोपाध्याय, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. मीनाक्षी यादव और डॉ. आशिता ने सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कीं, वहीं योगाचार्य श्री दीपेश बर्थवाल ने योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपाय बताए। बकसन अस्पताल की शोध टीम ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को ‘स्वस्थ भोजन, स्वस्थ मन और स्वस्थ भविष्य’ का संदेश दिया गया तथा नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। यदि किशोरावस्था में सही आदतें विकसित की जाएं तो भविष्य की कई गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। स्वास्थ्य जागरूकता, उपचार और परामर्श का समन्वय बनाकर आयोजित यह नि:शुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर विद्यार्थियों और आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं सफल सिद्ध हुआ तथा समाज में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।



