ग़ाज़ियाबाद

गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं,  जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई -अफवाहों के कारण सर्वर पर बढ़ा लोड, 1-2 दिन में सामान्य होगी बुकिंग व्यवस्था

गाजियाबाद। जनपद में गैस आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि गाजियाबाद में घरेलू गैस सिलेंडर और पीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ और एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर राज करन नैय्यर की अध्यक्षता में गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, जिला आपूर्ति अधिकारी अमित तिवारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में गैस बुकिंग, वितरण और उपलब्धता की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि कुछ असत्य और बेबुनियाद अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं द्वारा अत्यधिक संख्या में गैस सिलेंडर बुकिंग कराई जा रही है, जिससे सर्वर पर अत्यधिक लोड पड़ गया है। इसी कारण बुकिंग प्रक्रिया में अस्थायी तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि गाजियाबाद जनपद में वर्तमान समय में कुल 96 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से लगभग 12 लाख घरेलू गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। जनपद में प्रतिदिन औसतन लगभग 20 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग होती है। उन्होंने बताया कि सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर रिफिल का स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रही है। इसके अतिरिक्त जनपद में लगभग 3.50 लाख घरेलू पीएनजी कनेक्शन तथा करीब 1500 व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से गैस की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस रिफिलिंग या आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने यह भी बताया कि सर्वर पर बढ़े लोड के कारण उत्पन्न तकनीकी समस्या के समाधान के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा कार्य किया जा रहा है और आगामी 1 से 2 दिनों में बुकिंग प्रणाली के पूरी तरह सामान्य होने की संभावना है। इसके बाद गैस बुकिंग और वितरण की प्रक्रिया पहले की तरह नियमित रूप से जारी रहेगी। जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने गैस बुकिंग प्रक्रिया में आंशिक परिवर्तन भी किया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में दो गैस सिलेंडरों की बुकिंग के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतराल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक बुकिंग को रोकना और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें गैस सिलेंडरों की जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा कालाबाजारी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर बुक कराने के बाद एजेंसी पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पूर्व की भांति सिलेंडर की होम डिलीवरी व्यवस्था जारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को गैस आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या या जानकारी चाहिए तो वह जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 0120-3761964 पर संपर्क कर सकता है। वहीं एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर राज करन नैय्यर ने भी नागरिकों से अपील की कि गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी असुरक्षा, अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो नागरिक तत्काल 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचित करें, ताकि स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाकर लोगों में भ्रम और भय का माहौल बनाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद में गैस आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित रहे तथा आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button