ग़ाज़ियाबाद

ईंधन और गैस आपूर्ति पर प्रशासन की सख्त नजर, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य रखने की कवायद-अवैध रिफिलिंग, कालाबाजारी और खुले में पेट्रोल-डीजल बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

गाजियाबाद। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की संभावित किल्लत को लेकर देश के कई हिस्सों में लोगों के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है। ऐसे समय में गाजियाबाद जिले में आवश्यक ईंधन और गैस की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की सक्रिय कार्यशैली और लगातार निगरानी के चलते जिले में फिलहाल किसी भी प्रकार की अफरातफरी या जमाखोरी की स्थिति सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन या गैस का भंडारण न करें। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। जिला पूर्ति अधिकारी खुद धरातल पर उतर कर लोगों की सहायता के साथ ही सहयोग भी अपील कर रहे है। अमित तिवारी के निर्देश पर गैस की अवैध रिफिलिंग, कालाबाजारी और खुले में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सख्त रोक लगा दी गई है। प्रशासन की टीम लगातार पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार अपने वाहन की टंकी फुल कराने आता है तो इसकी जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दी जाए। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग वाहन में पेट्रोल भरवाकर उसे बाहर निकालकर जमा कर सकते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम मांग बढ़ सकती है और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। जिला पूर्ति अधिकारी की पहल पर रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं। पहले जहां गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए 21 दिन का अंतराल निर्धारित था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक संतुलित तरीके से गैस पहुंचाई जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही गैस का इस्तेमाल करें और किसी भी प्रकार की जमाखोरी से बचें। सोमवार को सभी प्रकार के कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई थी, जिससे कुछ संस्थानों में चिंता की स्थिति बनने लगी थी। गाजियाबाद में बड़ी संख्या में कॉलेज, छात्रावास और शैक्षिक संस्थान हैं, जहां विद्यार्थियों के भोजन के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा अस्पतालों और जेल में भी भोजन व्यवस्था के लिए कमर्शियल गैस पर निर्भरता है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लिया और मंगलवार को ही शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों और जेलों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी रखने के आदेश दे दिए। इस फैसले से इन संस्थानों को बड़ी राहत मिली। हालांकि होटल, रेस्तरां और ढाबों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। इन प्रतिष्ठानों के पास जो सिलेंडर स्टॉक में मौजूद हैं, उन्हीं के आधार पर वे अपने संचालन को जारी रखे हुए हैं। यही वजह है कि शहर में होटल और रेस्तरां खुले हुए हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
सोमवार और मंगलवार को कुछ गैस एजेंसियों पर लोग बिना बुकिंग कराए सिलेंडर लेने पहुंच गए, जिससे थोड़ी देर के लिए लाइन लग गई। हालांकि एजेंसी संचालकों ने लोगों को समझाकर वापस भेजा और बताया कि बिना बुकिंग गैस उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक भीड़ न करें और किसी प्रकार का पैनिक न फैलाएं। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने कहा कि यदि किसी परिवार के पास खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने नागरिकों से संयम बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह सीधे जिला पूर्ति कार्यालय से संपर्क कर सकता है। प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करेगा। फिलहाल गाजियाबाद में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। कहीं भी पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस के लिए लंबी लाइनें नहीं लग रही हैं और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की सतर्कता और प्रभावी प्रबंधन के चलते जिले में लोगों को राहत महसूस हो रही है और बाजार में संतुलन बना हुआ है।

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