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राम-भरत मिलाप प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परखम में उमड़ा आस्था का सैलाब

मथुरा/फरह। दीनदयाल कामधेनु गौशाला अनुसंधान केंद्र, परखम में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन भक्ति, वैराग्य और वात्सल्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से राम-भरत मिलाप प्रसंग का मार्मिक वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पांडाल राममय हो गया। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास, अयोध्यावासियों के शोक और भरत-राम मिलाप का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण करते हुए कहा कि श्रीराम की कथा का श्रवण मन के सभी विकारों को दूर कर अंतःकरण को शुद्ध करता है। उन्होंने भगवान श्रीराम को ‘वैराग्य कुल भूषण’ बताते हुए कहा कि जैसे पवित्र नदियों में स्नान से आत्मा निर्मल होती है, वैसे ही रामकथा का श्रवण जीवन को पावन बना देता है। इस अवसर पर उन्होंने गौ-सेवा का महत्व बताते हुए कहा कि निःस्वार्थ भाव से की गई गौ-सेवा सभी तीर्थों के दर्शन से भी बढ़कर पुण्यदायी है। कथा के दौरान कई संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। दानघाटी मंदिर सेवायत पवन कौशिक परिवार सहित कथा में पहुंचे। उन्होंने गिरिराजजी का प्रसादी दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया तथा प्रसाद भेंट किया। इनमें प्रमुख रूप से माधव दास मौनी बाबा, गोस्वामी मधुसूदन जी महाराज, स्वामी कृष्णानंद जी महाराज, संत सत्यमित्रानंद जी महाराज और स्वामी सत्यानंद गिरि जी महाराज शामिल रहे। षष्ठम दिवस की कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान साधना कौशिक एवं सुरेश कौशिक द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण, पूर्व मंत्री सतीश अवाना व सविता अवाना, विधायक राजकुमार सहयोगी सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और उद्योग जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न जिलों से आए गणमान्य लोगों ने भी कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंच संचालन आचार्य पवन दत्त मिश्र ने किया। आयोजकों के अनुसार कथा का सीधा प्रसारण विभिन्न टीवी एवं डिजिटल माध्यमों पर भी किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु जुड़ रहे हैं।

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