साउथ साइड जीटी रोड स्थित आजाद ऑयल एक्सपेलर फैक्ट्री में दोपहर को लगी भीषण आग, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा

गाजियाबाद। लालकुंआ स्थित साउथ साइड जीटी रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आजाद ऑयल एक्सपेलर फैक्ट्री में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री परिसर में तेल, कच्चा माल, प्लास्टिक के दाने और पैकिंग के गत्ते बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची लपटें और आसमान में उठता घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास की फैक्ट्रियों और श्रमिकों में दहशत फैल गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल रविवार दोपहर 13:46 बजे इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के सदस्य सुशील अरोड़ा द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से कोतवाली स्थित अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई कि साउथ साइड जीटी रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित 1/23 नंबर परिसर में आजाद ऑयल फैक्ट्री में आग लग गई है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से अग्निशमन अधिकारी सहित सभी फायर टेंडर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिए गए। दमकल टीम जब मौके पर पहुंची तो देखा कि आग मशीनरी पार्ट्स, प्लास्टिक के दानों और सूखे नारियल की पैकेजिंग करने वाली फैक्ट्री में तेजी से फैल चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पास स्थित दूसरी यूनिट भी इसकी चपेट में आने लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में फायर सर्विस यूनिट द्वारा चार हौज पाइप फैलाकर लगातार पंपिंग के माध्यम से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। आग की विकरालता को देखते हुए अतिरिक्त सहायता के तौर पर फायर स्टेशन वैशाली से दो और फायर टेंडर मौके पर बुलाए गए। दमकल कर्मियों ने सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए सबसे पहले आग को फैलने से रोकने पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे आसपास स्थित अन्य फैक्ट्रियों को सुरक्षित बचाया जा सका। करीब लगातार प्रयासों के बाद दमकल विभाग की टीम ने आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग के कारण फैक्ट्री में रखे कच्चे माल, मशीनरी और पैकिंग सामग्री को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के समय फैक्ट्री मालिक गुरजीत सिंह भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने और दमकल टीम की तत्परता के कारण एक बड़ा औद्योगिक हादसा टल गया। यदि आग आसपास की अन्य इकाइयों तक फैल जाती तो नुकसान कहीं अधिक गंभीर हो सकता था। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री के कारण आग लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विभाग द्वारा फैक्ट्री संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की सलाह भी दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया है। दमकल विभाग ने उद्योग संचालकों से अपील की है कि वे अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और आपातकालीन निकास व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। दमकल विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से जहां एक बड़ा हादसा टल गया, वहीं औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।



