भक्ति, संस्कृति और शिक्षा का संगम बना गौतम पब्लिक स्कूल का हनुमान जयंती समारोह-विद्यार्थियों ने नाटक, भक्ति गीत और भाषण से जीवंत किए हनुमान जी के आदर्श

गाजियाबाद। गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पी-ब्लॉक, प्रताप विहार में गुरुवार को हनुमान जयंती का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। विद्यालय परिसर दिनभर भक्तिमय माहौल से ओत-प्रोत रहा, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर भगवान हनुमान के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का प्रेरणादायक माध्यम बना। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन एवं वंदना से हुई। विद्यालय परिसर में स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर मंगलाचरण किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों को भगवान हनुमान के जीवन चरित्र, उनकी अद्भुत शक्ति, साहस, विनम्रता और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति के बारे में विस्तार से बताया गया। शिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि हनुमान जी केवल शक्ति के प्रतीक ही नहीं बल्कि सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्श भी हैं। विद्यालय की आदरणीय प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम गौतम ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि हनुमान जी का जीवन विद्यार्थियों के लिए आदर्श मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि सच्ची शक्ति केवल शारीरिक बल में नहीं बल्कि संयम, सेवा और समर्पण में होती है। विद्यार्थियों को अपने जीवन में साहस, अनुशासन, ईमानदारी और गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करनी चाहिए। जब शिक्षा के साथ संस्कार जुड़ते हैं, तभी व्यक्ति और समाज दोनों मजबूत बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ प्रार्थना, योग और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी तथा कहा कि संस्कारित विद्यार्थी ही भविष्य में समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करते हैं। उप-प्रधानाचार्या तनुजा जी ने अपने उद्बोधन में हनुमान जयंती के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धार्मिक पर्व बच्चों में आत्मिक शक्ति और नैतिक जागरूकता विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों से भी जुडऩा आवश्यक है। हनुमान जी का जीवन हमें निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और गुरु भक्ति का संदेश देता है। संस्कारवान विद्यार्थी ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन और सेवा भावना अपनाने का आह्वान किया। वहीं अकादमिक प्रभारी चेतन शर्मा ने भी विद्यार्थियों को सदाचार, परिश्रम और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का भावपूर्ण गायन किया। पूरे विद्यालय परिसर में ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयघोष गूंज उठे, जिससे वातावरण पूर्णत: आध्यात्मिक बन गया। इसके बाद विद्यार्थियों के बीच बूंदी एवं प्रसाद का वितरण किया गया। विशेष आकर्षण के रूप में कई छात्र भगवान हनुमान की मनमोहक वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे। लाल गदा, मुकुट और पारंपरिक परिधान में सजे बच्चों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनके उत्साह और मासूम भक्ति भाव ने कार्यक्रम की शोभा को कई गुना बढ़ा दिया। विद्यार्थियों ने लघु नाटिकाएं, भाषण, भक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर हनुमान जी के जीवन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। विद्यालय प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना तथा उन्हें भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोडऩा था। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में अनुशासन, सहयोग, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि हनुमान जी का जीवन कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा बच्चों में संस्कार एवं सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के प्रयासों की सराहना की। विद्यालय परिवार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय प्रशासन ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को नियमित प्रार्थना, योग, स्वच्छता, अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। साथ ही बच्चों को समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस प्रकार गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित हनुमान जयंती समारोह केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने विद्यार्थियों के मन में आध्यात्मिकता के साथ सकारात्मक जीवन मूल्यों की नई ऊर्जा का संचार किया।



