गणमान्य ए सन्तजनों की मौजूदगी में कल्याणं करोति नेत्र संस्थान में हुआ शंकराचार्य प्रतिमा का अनावरण
– रोगियों हेतु हॉस्पिटल प्रांगण में हुई भव्य मन्दिर की स्थापना
मथुरा/गोवर्धन। जचोंदा स्थित कल्याणं करोति नेत्र संस्थान में गुबावी पत्थर से नवनिर्मित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर का प्रांण प्रतिष्ठा समारोह शास्त्रोक्त रीति से सम्पन्न हुआ। इस दौरान जगद्गुरू आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण भी विधि विधान से हुआ। भब्य मंदिर की स्थापना से रोगियों व उनके परिजनों को आध्यात्मिक माहौल मिलेगा । हर श्रेष्ठ कार्य प्रभु को समर्पित करना चाहिए।
मंदिर का निर्माण श्रीमती प्रेम कुमारी एवं श्री कृष्ण मुरारी लाल अग्रवाल की स्मृति में उनके उनके पुत्र उमाकांत अग्रवाल -श्रीमती इन्द्रा अग्रवाल ने कराया है। मंदिर का विग्रह अत्यंत मनमोहक है। , सौम्य एवं जीवंत भाव लिए हुए है, जिसमें उनकी मधुर मुस्कान, मुरलीधारण की मुद्रा और दिव्य आभा श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर देती है।
संस्थान के मुख्य द्वार के बांए आकर्षक छत्र की छांव में भब्य मंच पर स्थापित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा श्रीमती प्रेमवती देवी-रामबाबू अग्रवाल की स्मृति में विशनचन्द अग्रवाल एवं मायारानी अग्रवाल (बृजवासी टंच) परिवार ने कराया है।
प्राण-प्रतिष्ठा का पवित्र अनुष्ठान वृंदावन के आचार्य केशव द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया। तदुपरांत मंदिर में प्रथम आरती एवं उद्घाटन किया गया।
संस्थान परिसर में मंदिर एवं आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा की स्थापना का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था का विस्तार नहीं, बल्कि यहाँ आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रोगमुक्ति के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति और “नई दृष्टि” प्रदान करना है। यह पहल संस्थान के मूल उद्देश्य—सेवा, साधना और मानव कल्याण—को और सशक्त करती है।
कार्यक्रम में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष स्वामी महेशानंद सरस्वती ने कहा कि “नेत्र सेवा केवल शरीर की दृष्टि ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा को भी प्रकाशित करने का माध्यम है। जब चिकित्सा के साथ आध्यात्मिकता का समन्वय होता है, तब वास्तविक कल्याण संभव होता है। जगद्गुरु पीपा द्वाराचार्य बलराम दास देवाचार्य महाराज (संरक्षक) ने कहा कि “मंदिर और संत परंपरा का सान्निध्य मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आस्था को जागृत करता है, जिससे जीवन में संतुलन और शांति का संचार होता है।”
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। संस्थान के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने आगंतुकों का आभार जताया।
उपस्थित प्रमुख जनों में गोपाल प्रसाद अग्रवाल (भरतपुर), महेश चंद्र कसेरे रामनिवास अग्रवाल, धनेश मित्तल, योगेश उपाध्याय, मुकेश खंडेलवाल, कल्याण दास अग्रवाल, रवि अग्रवाल, राजू अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल (पंचवटी), बृजेश शर्मा, प्रीति लवानिया, सात्विक उपाध्याय डा पवित्रा शर्मा एसपी गुप्ता, मूलचंद गर्ग, प्रवीण भारद्वाज, अजयकांत गर्ग, हृदय शर्मा, बीएल शर्मा, विपिन त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




