जेई को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, निलंबन पर रोक

उज्जवल रस्तौगी वरिष्ठ पत्रकार
मेरठ/नोएडा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा में तैनात उत्तर प्रदेश विद्युत निगम के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है।
अदालत ने प्रथम दृष्टया यह माना है कि नए नियमों के तहत अधीक्षण अभियंता के पास कर्मचारियों को निलंबित करने का कानूनी अधिकार नहीं है।
अदालत ने याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने सचिन वर्मा की याचिका पर दिया।
बता दें याचिकाकर्ता को अधीक्षण अभियंता द्वारा 9 जनवरी, 2026 को निलंबित कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय वर्धन सोनकर ने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड कर्मचारी (अनुशासनात्मक एवं अपील) नियम 2020 के अनुसार, निलंबन की शक्ति केवल नियुक्ति प्राधिकारी, अर्थात् मुख्य अभियंता के पास है।
नियमों के लागू होने के बाद, मुख्य अभियंता ने अपनी शक्तियां अधीक्षण अभियंता को नहीं सौंपी हैं।
ऐसी स्थिति में अधीक्षण अभियंता को याचिकाकर्ता को निलंबित करने का अधिकार नहीं है।



