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नेहरू वर्ल्ड स्कूल में 303 नन्हे कलाकारों ने मंच पर बिखेरी प्रतिभा-सब्जियों के महत्व पर आधारित नाटक ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल में शनिवार को प्रारंभिक कक्षाओं (नन्हे वर्ग) का सांस्कृतिक उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्री-नर्सरी, नर्सरी और के.जी. के कुल 303 नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन तीन चरणों में किया गया, जिससे अधिक से अधिक अभिभावक अपने बच्चों की प्रस्तुति का आनंद ले सके। समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ. सारिका जैन एवं डॉ. सुभाष जैन रहे। विद्यालय की कार्यकारी प्रधान सुश्री सुजैन होम्स ने उपस्थित अभिभावकों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक समारोह सामूहिक प्रयासों का परिचायक होते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और आगे भी इसी भावना के साथ कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ नाटक की तैयारी की झलक दिखाकर किया गया, जिसमें बच्चों के अभ्यास और परिश्रम को दर्शाया गया। इसके बाद मुख्य नाटक ‘सुपरमार्केट से सब्जियों की कहानीÓ प्रस्तुत किया गया। यह नाटक हमारी दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली सब्जियों पर आधारित था। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि जिन सब्जियों को हम अपने भोजन में शामिल करते हैं, वे हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी आवश्यक हैं। नाटक में टमाटर, गाजर, पालक और अन्य सब्जियों का रूप धारण किए नन्हे कलाकारों ने अभिनय, संवाद और नृत्य के माध्यम से संतुलित आहार का महत्व समझाया। बच्चों की मासूम अदाकारी और आत्मविश्वास ने सभी का मन मोह लिया। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने तालियों की गूंज से उनका उत्साहवर्धन किया।
कक्षा नौ के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए विद्यालय की शैक्षणिक तथा सह-शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इससे उपस्थित जनसमूह को विद्यालय की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी मिली। विद्यालय के निदेशक डॉ. अरुणाभ सिंह ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट अभिनय की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मंच बच्चों में आत्मविश्वास, समूह में कार्य करने की भावना और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करते हैं, जो उनके जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं। समारोह के अंत में प्रारंभिक कक्षाओं की प्रधानाचार्या सुश्री पारुल सिंधवानी ने अभिभावकों और अध्यापिकाओं के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास में हम सभी की सहभागिता आवश्यक है। यही नन्हे विद्यार्थी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करेंगे, इसलिए उन्हें उचित मार्गदर्शन देना हमारा कर्तव्य है। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और आनंद का वातावरण बना रहा। यह सांस्कृतिक उत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार का प्रेरणादायक संदेश देने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

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