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मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर आयोग का बड़ा कदम, 17, 18, 31 जनवरी व 1 फरवरी को हर बूथ पर विशेष अभियान

बरेली। मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चार विशेष अभियान तिथियां निर्धारित की हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 06 जनवरी, 2026 से 06 फरवरी, 2026 तक तय की गई है। इस दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए 17,18 जनवरी (शनिवार, रविवार), 31 जनवरी (शनिवार) और 01 फरवरी (रविवार) को प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी आदेश में बताया है कि विशेष अभियान तिथियों में प्रदेश के सभी मतदान केन्द्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सहायक स्टाफ के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे। बीएलओ 06 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची, गणना अवधि में अप्राप्य (Uncollectable) श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं की सूची, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक व डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही फार्म-6 (नया नाम जोड़ने हेतु), 6ए, 7 (नाम हटाने हेतु) और 8 (संशोधन हेतु) सभी आवश्यक घोषणा-पत्रों सहित पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे। विशेष अभियान के दौरान हर मतदान केन्द्र पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां मतदाताओं को फार्म भरने में पूर्ण सहायता दी जाएगी। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) से भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा सभासदों, ग्राम प्रधानों और स्वयंसेवकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रतिदिन पुनरीक्षण कार्यक्रम की गहन समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित विशेष अभियान तिथियों पर अपने बूथ पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि कोई त्रुटि हो तो समय रहते फार्म-6, 6ए, 7 या 8 ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से भरकर दावे व आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि मजबूत लोकतंत्र के लिए सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सके।

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