पोषण भी, पढ़ाई भी से बदलेगी आंगनबाड़ी शिक्षा की तस्वीर-विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

गाजियाबाद। जनपद में प्रारंभिक बाल शिक्षा और पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ‘पोषण भी, पढ़ाई भी कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी शिक्षा सुदृढ़ीकरण को लेकर सोमवार को विकास भवन के सभागार में वार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राकेट लर्निंग संस्था द्वारा संचालित आंगनबाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम की इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने की, जबकि कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शशि वार्ष्णेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति का मूल्यांकन करना तथा आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना रहा। अधिकारियों एवं प्रशिक्षण टीम ने आंगनबाड़ी स्तर पर बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार तथा उन्हें विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर में केंद्र खोलने के बाद बच्चों के साथ कराई गई शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी गतिविधियों का नियमित विवरण आंगनबाड़ी शिक्षा व्हाट्सएप समूह में साझा करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग से कार्य की पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यक्रम की वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन आसान होगा। उन्होंने सुपरवाइजरों को भी जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देशित किया कि वे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, उन्हें नियमित मार्गदर्शन दें और प्रशिक्षण में उनकी उपस्थिति व कार्य निष्पादन की निरंतर समीक्षा करें। अधिकारियों ने माना कि मजबूत निगरानी व्यवस्था ही कार्यक्रम की सफलता की कुंजी है। बैठक में राकेट लर्निंग संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि संस्था द्वारा डिजिटल कंटेंट के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रदान किया जा रहा सहयोग जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित सहभागिता, समुदाय को जोड़ने के प्रयास और सोशल-इमोशनल लर्निंग (एसईएल) पर दिया जा रहा विशेष ध्यान बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के प्रारंभिक मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास की पहली पाठशाला हैं। ऐसे में कार्यकत्रियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सुपरवाइजरों और मुख्य सेविकाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही कार्यक्रम को सफलता मिल रही है। बैठक में जनपद के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य कार्यकत्रियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरणा मिली। राकेट लर्निंग संस्था की ओर से जिला समन्वयक शाहिना इकबाल, आयुषी कटियार, कार्यक्रम प्रबंधक चंद्र प्रकाश तथा राज्य प्रोग्राम लीड श्री प्रवीण वर्मा ने भी बैठक में भाग लेते हुए प्रशिक्षण गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित प्रशिक्षण और सतत सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी शिक्षा को अधिक प्रभावी और बच्चों के अनुकूल बनाया जा रहा है। बैठक के अंत में अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता भी मजबूत होगी। प्रशासन, प्रशिक्षण संस्थाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से जनपद में बाल विकास सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।



